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1 अक्टूबर से बदला एलपीजी और ईंधन का गणित: कमर्शियल सिलेंडर और ATF महंगे, विंडफॉल टैक्स में बड़ी राहत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

 मुंबई|

अक्टूबर महीने की पहली तारीख के साथ ही देश के पेट्रोलियम क्षेत्र में कई बड़े नीतिगत बदलाव और कीमतों में संशोधन लागू हो गए हैं। तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इजाफा किया है। वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) में कटौती कर निर्यातकों को बड़ी राहत दी है।

ये सभी नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी हैं।

 

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कमर्शियल LPG ₹62.50 महंगा, दिल्ली में दाम ₹2,810 पहुंचे

तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, 19 किग्रा वाले कमर्शial LPG सिलेंडर की कीमत में सीधे ₹62.50 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। इस बदलाव के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का दाम ₹2,747.50 से बढ़कर ₹2,810 हो गया है।

कारोबारियों की बढ़ेगी लागत

इस फैसले का सीधा असर व्यवसायिक गतिविधियों पर पड़ेगा:

  • होटल और रेस्टोरेंट: खान-पान की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है।
  • ढाबे और कैटरिंग व्यवसाय: शादी-विवाह और आयोजनों के कैटरिंग पैकेज महंगे हो सकते हैं।
  • छोटे व्यापार: मिष्ठान भंडारों और बेकरी व्यवसाय पर ईंधन का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

 

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घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत: दामों में कोई बदलाव नहीं

आम जनता और गृहिणियों के लिए राहत की खबर यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर पहले की तरह ₹942 की कीमत पर ही उपलब्ध रहेगा।

कमर्शियल सिलेंडर में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू रसोई के बजट पर नहीं पड़ेगा।

 

विमान ईंधन (ATF) ₹16 प्रति लीटर महंगा: हवाई सफर पर पड़ सकता है असर

विमानन क्षेत्र को भी इस महीने झटका लगा है। एयरलाइंस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले Aviation Turbine Fuel (ATF) यानी विमान ईंधन के दामों में ₹16 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

चूंकि एयरलाइंस कंपनियों की कुल परिचालन लागत (Operational Cost) का लगभग 40% हिस्सा केवल ईंधन पर खर्च होता है, इसलिए ATF के दाम बढ़ने से आगामी फेस्टिव सीजन में हवाई टिकटों के दामों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

 

डीजल और ATF के निर्यात पर घटाया गया Windfall Tax

एक तरफ जहां घरेलू बाजार में कमर्शियल ईंधन महंगा हुआ है, वहीं सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली Special Additional Excise Duty (SAED) यानी विंडफॉल टैक्स में बड़ी कटौती की है:

पेट्रोलियम उत्पादपुरानी टैक्स दर1 अक्टूबर 2026 से नई टैक्स दर
डीजल निर्यात₹20 प्रति लीटर₹16 प्रति लीटर
ATF निर्यात₹15 प्रति लीटर₹10.50 प्रति लीटर
पेट्रोल निर्यात₹0.50 प्रति लीटर₹0.50 प्रति लीटर (अपरिवर्तित)

 

क्या घरेलू पेट्रोल–डीजल के दाम बदलेंगे?

विंडफॉल टैक्स का संबंध मुख्य रूप से कंपनियों द्वारा विदेश में किए जाने वाले रिफाइंड ईंधन निर्यात से है। इसका घरेलू पेट्रोल-डीजल की खुदरा (Retail) दरों से सीधा संबंध नहीं होता। 1 अक्टूबर 2026 को आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल के पंप रेट्स में कोई बदलाव घोषित नहीं किया गया है।

 

उपयोगी लिंक्स (Relevant Internal Links)

  • अर्थव्यवस्था और सरकारी नीतियों की ताजा जानकारी: Matribhumi Samachar Economy News

 

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. 1 अक्टूबर 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत क्या है?

उत्तर: दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹62.50 बढ़कर ₹2,810 हो गई है।

Q2. क्या घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़े हैं?

उत्तर: नहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसका दाम ₹942 बना हुआ है।

Q3. विंडफॉल टैक्स में कटौती का क्या मतलब है?

उत्तर: विंडफॉल टैक्स में कटौती का मतलब है कि तेल रिफाइनरी कंपनियों को विदेशों में डीजल और ATF का निर्यात करने पर सरकार को कम टैक्स देना होगा।

 

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस लेख में दी गई ईंधन की कीमतें और टैक्स दरें कंपनियों और सरकार द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक सूचना पर आधारित हैं। विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय करों (VAT) के कारण दरों में अंतर हो सकता है। ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक तेल कंपनियों की वेबसाइट देखें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।