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कानपुर में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: जानें आज का लेटेस्ट रेट (2 फरवरी 2026)

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

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लखनऊ. सर्राफा बाजार में आज भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में तेज और ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों, डॉलर में मजबूती और घरेलू स्तर पर मुनाफे की वसूली के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया। हालात ऐसे बन गए कि कारोबारियों के अनुसार बाजार में लोअर सर्किट जैसी स्थिति नजर आई।

कानपुर में सोने के ताज़ा भाव (प्रति 10 ग्राम)

शुद्धताआज का भाव (₹)कल का भाव (₹)बदलाव
24 कैरेट (शुद्ध सोना)₹1,51,680₹1,60,730? ₹9,050 की गिरावट
22 कैरेट (जेवराती सोना)₹1,39,050₹1,47,350? ₹8,300 की गिरावट
18 कैरेट (हल्की ज्वेलरी)₹1,13,800₹1,20,590? ₹6,790 की गिरावट

लगातार कई सत्रों से ऊँचाई पर बने रहने के बाद आज सोने में तेज करेक्शन देखा गया, जिससे निवेशकों और ज्वेलर्स दोनों में सतर्कता बढ़ गई है।

चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट (प्रति किलोग्राम)

  • आज का भाव: ₹2,79,750
  • कल का भाव: ₹3,50,000 (लगभग)
  • बदलाव: ? करीब ₹70,250 की भारी गिरावट

चांदी में आई यह गिरावट हाल के वर्षों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावटों में गिनी जा रही है। औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव और सट्टा कारोबार से बाहर निकलने का असर चांदी पर ज्यादा दिखा।

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कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण

  • वैश्विक संकेत कमजोर: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं पर दबाव
  • डॉलर में मजबूती: डॉलर मजबूत होने से सोना-चांदी महंगे सौदे बनते हैं
  • मुनाफे की वसूली: रिकॉर्ड स्तरों के बाद निवेशकों ने लाभ बुक किया
  • घरेलू मांग में सुस्ती: ऊँचे भावों के कारण हाल के दिनों में खरीद घटने का असर

निवेशकों और ग्राहकों के लिए क्या है संकेत?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए यह गिरावट खरीद का अवसर भी साबित हो सकती है, बशर्ते वे बाजार की चाल पर नजर बनाए रखें।

महत्वपूर्ण नोट

ऊपर दिए गए रेट्स बाजार के विभिन्न स्रोतों और IBJA के आंकड़ों पर आधारित हैं। शुद्धता, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के अनुसार आपके शहर के शोरूम में कीमतें अलग हो सकती हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।