लोड हो रहा है...

भारत की राष्ट्रपति ने पीबीजी सोल्जरेथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज, 2 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित समारोह में राष्‍ट्रपति के अंगरक्षक रेजिमेंट द्वारा आयोजित, पीबीजी सोल्जरेथॉन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मिजोरम के राज्‍यपाल, जनरल (सेवानिवृत्‍त) डॉ. वी.के. सिंह भी उपस्‍थित थे। जनरल सिंह इस पहल के संरक्षक हैं। राष्ट्रपति ने इस अवसर की स्‍मृति में एक विशेष डाक आवरण का भी विमोचन किया। यह दौड़ (रेस) दिल्ली छावनी स्‍थित करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित की गई थी।

 

‘सैनिकों के लिए दौड़ें, सैनिकों के साथ दौड़ें’ की संकल्‍पना पर आधारित ‘सोल्जरेथॉन’ सामान्‍य जनों और सशस्त्र बलों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने का एक विशिष्‍ट मंच है। ‘वास्‍तविक नायक – भारत के सशस्त्र बलों का समर्थन’ थीम पर आधारित यह आयोजन हमारे सैनिकों के समर्पण, साहस और बलिदान को सम्मान अर्पित करता है और नागरिकों को इस बात के लिए प्रोत्‍साहित करता है कि वे इसमें सक्रियतापूर्वक भाग लेकर उनके प्रति एकजुटता दिखाएं।

 

- Advertisement -

सोल्जरेथॉन रेस तीन श्रेणियों में आयोजित की जाती है – 3 किमी, 5 किमी और 10 किमी। सोल्जरेथॉन से प्राप्‍त राशि का उपयोग सशस्‍त्र बलों के पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर की सहायता करने और लड़ाई में हताहत हुए सैनिकों के परिवारजनों के कल्याण, आदि के लिए किया जाता है। पीबीजी सोल्जरेथॉन का उदेश्य इस बल के घोड़ों और सैनिकों की सहायता करना है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।