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अनमोल टीवी के शो ‘हमारी राधा’ में राधा और शनाया की अनजाने में हुई मुलाकात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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उत्तर प्रदेश, अगस्त 2026: ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज़ेस लिमिटेड (ZEEL) के फ्री-टू-एयर (एफटीए) हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल अनमोल टीवी के पहले ओरिजिनल शो ‘हमारी राधा’ में कहानी अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँचने वाली है, जहाँ राधा (सिमरन कौर) और शनाया (वैदेही नायर) पहली बार अनजाने में एक-दूसरे के सामने आएँगी। लेकिन, राधा को इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं है कि शनाया का उसके पति गिरधर (अक्षय म्हात्रे) से बेहद खास रिश्ता है। दोनों की अनजाने में हुई यह मुलाकात धीरे-धीरे ऐसा मोड़ ले लेगी, जिसका असर आगे की कहानी पर देखने को मिलेगा।

दरअसल, शनाया खरीदारी करने जाती है और बिलिंग काउंटर पर उसे पता चलता है कि गिरधर का कार्ड अपनी लिमिट पार कर चुका है। इसी बीच राधा भी उसी स्टोर में पहुँच जाती है। खरीदारी के दौरान शनाया का कार्ड गलती से गिर जाता है, जिसे राधा और गिरधर का बेटा कियान उठा लेता है। कियान देखते ही अपने पिता का कार्ड पहचान लेता है। लेकिन, शनाया कियान पर ही कार्ड चुराने का आरोप लगा देती है और देखते ही देखते दोनों के बीच बहस शुरू हो जाती है।

राधा जब वहाँ पहुँचती है और अपने बेटे पर चोरी का इल्ज़ाम लगते देखती है, तो वह तुरंत अपने बेटे के बचाव में खड़ी हो जाती है। वह शनाया से माफ़ी माँगने के लिए कहती है और तब तक पीछे नहीं हटती, जब तक शनाया कियान से माफ़ी नहीं माँग लेती। राधा अपने बेटे का साथ देते हुए अपनी बात पर अड़ी रहती है। इस तरह यह मुलाकात अचानक ऐसी बहस में बदल जाती है, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी।

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राधा के सामने खड़ी शनाया के बारे में वह भले ही अभी कुछ नहीं जानती, लेकिन दोनों की अनजाने में हुई यह मुलाकात आगे आने वाली कई परेशानियों का सीधा इशारा है। अब जब दोनों एक-दूसरे के सामने आ चुकी हैं, तो देखना दिलचस्प होगा कि जब राधा को शनाया और गिरधर के रिश्ते की सच्चाई पता चलेगी, तब क्या होगा।

देखिए ‘हमारी राधा’, हर रात 9:30 बजे, सिर्फ अनमोल टीवी पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।