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पब्लिक वेलफेयर एसोसिएशन ने दिवंगत अतुल कटियार को दी श्रद्धांजलि; स्मृति में वृक्षारोपण और समाज सेवा पुरस्कार की घोषणा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर नगर: Public Welfare Association उत्तर प्रदेश (समाजसेवी संस्था) के संरक्षक मंडल के सदस्य एवं पूर्व आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिरेंद्र सिंह कटियार के सुपुत्र, स्मृति शेष अतुल कटियार का गत 23 सितंबर को असामयिक निधन हो गया था। आज उनके निज निवास (पुराना शिवली रोड, कल्याणपुर) पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में गणमान्य लोगों एवं संस्था के पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

पर्यावरण प्रहरी के सहयोग से पौधारोपण

शोक सभा के दौरान पर्यावरण प्रहरी शैलेंद्र सचान के विशेष सहयोग से दिवंगत अतुल कटियार की पावन स्मृति में पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और ईश्वर से शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

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‘अतुल कटियार स्मृति पुरस्कार‘ शुरू करने का प्रस्ताव

शोक सभा का संचालन करते हुए एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने घोषणा की कि संस्था समाज में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए ‘अतुल कटियार‘ के नाम से एक राज्यस्तरीय पुरस्कार की शुरुआत करेगी। इस प्रस्ताव को आगामी संस्थागत कार्रवाई एवं कार्यकारिणी की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।

 

संस्था के वरिष्ठ सदस्य एवं पदाधिकारी रहे मौजूद

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कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष अशोक कटियार ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस शोक सभा में एडवोकेट रूपेश गंगवार, आर.एस. कुशवाहा, सूबेदार सविता, एडवोकेट वीरेंद्र सचान सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।