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एशियन गेम्स 2026: भारतीय एथलीटों का ऐतिहासिक धमाका, महिला हॉकी, बॉक्सिंग और तीरंदाजी में जीते स्वर्ण पदक; कुल पदक संख्या पहुंची 72

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नागोया।

जापान के नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार और अजेय प्रदर्शन लगातार जारी है। 2 अक्टूबर का दिन भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। महिला हॉकी, मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) और तीरंदाजी (आर्चरी) में भारतीय एथलीटों ने स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया। इन ऐतिहासिक सफलताओं के दम पर एशियन गेम्स 2026 में भारत की कुल पदक संख्या 72 तक पहुंच गई है।

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महिला हॉकी: 44 साल का सूखा खत्म, चीन को हराकर जीता ऐतिहासिक गोल्ड

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों के फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

  • निर्णायक पल: मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल खेल के 10वें मिनट में लालरेम्सियामी ने दागा।
  • मजबूत डिफेंस और सविता का जादू: शुरुआती बढ़त के बाद चीनी टीम ने वापसी के कई आक्रामक प्रयास किए, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने कोई चूक नहीं की। गोलकीपर सविता पुनिया ने अंतिम समय तक बेहतरीन बचाव करते हुए भारत की जीत पक्की की।
  • ओलंपिक टिकट पक्का: इस ऐतिहासिक स्वर्ण पदक के साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है।

 

बॉक्सिंग में भारत की ‘गोल्डन हैट्रिक‘: एक ही दिन में आए तीन स्वर्ण

मुक्केबाजी के रिंग में भारतीय बॉक्सरों का दबदबा देखने को मिला। भारत ने एक ही दिन में तीन स्वर्ण पदक जीतकर मुक्केबाजी में गोल्डन हैट्रिक बनाई:

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  1. अंकुश पंघल (पुरुष 80 किग्रा): अंकुश ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसॉन्ग को 4-0 के एकतरफा फैसले से परास्त कर भारत को स्वर्णिम शुरुआत दिलाई।
  2. परवीन हुड्डा (महिला 65 किग्रा): महिला 65 किग्रा वर्ग के बेहद रोमांचक और करीबी मुकाबले में परवीन हुड्डा ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
  3. लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किग्रा): स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपनी श्रेणी में शानदार पंच जमाते हुए भारत के लिए दिन का तीसरा बॉक्सिंग गोल्ड हासिल किया।

 

तीरंदाजी: महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर रचा इतिहास

भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की त्रिमूर्ति ने फाइनल मुकाबले में विश्व प्रसिद्ध और मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर यह मुकाम हासिल किया। दक्षिण कोरियाई दबदबे को तोड़ते हुए भारतीय तीरंदाजों ने पूरे मैच में अचूक निशाना साधा।

 

2 अक्टूबर की प्रमुख भारतीय उपलब्धियां (At a Glance)

  • महिला हॉकी: 44 साल बाद एशियन गेम्स गोल्ड मेडल
  • अंकुश पंघल: पुरुष 80 किग्रा बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक
  • परवीन हुड्डा: महिला 65 किग्रा बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक
  • लवलीना बोरगोहेन: महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक
  • महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम: एशियन गेम्स इतिहास का पहला स्वर्ण
  • भारत की कुल पदक तालिका: 72 पदक (स्वर्ण, रजत और कांस्य)

 

बार–बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

एशियन गेम्स 2026 में भारत की कुल पदक संख्या कितनी हो गई है?

2 अक्टूबर 2026 तक भारत की कुल पदक संख्या 72 तक पहुंच गई है, जिसमें हॉकी, बॉक्सिंग और तीरंदाजी के कई स्वर्ण पदक शामिल हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने कितने सालों बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता?

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 सालों के लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है।

महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम में कौन–कौन से खिलाड़ी शामिल थे?

स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला रिकर्व टीम में अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड शामिल थीं।

क्या इस जीत से महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है?

हां, एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध खेल समाचारों और आधिकारिक अपडेट्स के आधार पर जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। नवीनतम और विस्तृत स्पोर्ट्स अपडेट्स के लिए Matribhumi Samachar पर विजिट करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।