लोड हो रहा है...

नेपाल के डोल्पा में भारी बर्फबारी: शे-फोक्सुंडो झील से लौट रहे 6 भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली।

नेपाल के डोल्पा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध शे-फोक्सुंडो राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बीच फंसे 6 भारतीय पर्यटकों को नेपाली सेना ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। मौसम खराब होने और दुर्गम रास्ते के बावजूद स्थानीय प्रशासन तथा सेना के संयुक्त प्रयासों से यह एयरलिफ्ट अभियान सफल रहा।

फंसे हुए पर्यटकों की पहचान मौमिता हलदर, पियाली कोले, जाजला त्रिवेदी कुमार, आदित्य सिंघा, डिप्लिना बिस्वास और राजेश डे के रूप में की गई है।

 

- Advertisement -

शे–फोक्सुंडो झील और डानिगढ़ क्षेत्र में फंसे थे पर्यटक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी छह पर्यटक नेपाल की सबसे गहरी मानी जाने वाली शे-फोक्सुंडो झील (ऊंचाई लगभग 3,600 मीटर) की यात्रा पर गए थे। वापसी के दौरान डोल्पा के शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका वार्ड नंबर 8 स्थित डानिगढ़ तथा नुमला व बागला दर्रों (Passes) के समीप अचानक भारी हिमपात शुरू हो गया।

पहाड़ी रास्तों पर बर्फ की मोटी परत जमने और विजिबिलिटी कम होने के कारण पर्यटकों का रास्ता अवरुद्ध हो गया। नेटवर्क न होने से पर्यटकों से सीधा संपर्क टूटा, हालांकि सेना के जवानों ने स्थानीय इनपुट के आधार पर उनकी सही लोकेशन ट्रेस कर ली और एयरलिफ्ट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

 

प्रशासन की पर्यटकों को सख्त चेतावनी

- Advertisement -

डोल्पा जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर उच्च हिमाली क्षेत्रों में पर्यटकों और ट्रेकर्स की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है। प्रशासन ने अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक कोई भी यात्री जोखिम भरे ट्रेकिंग रास्तों पर न जाए।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: नेपाल के डोल्पा में कौन–कौन से भारतीय पर्यटक फंसे थे?उत्तर: बर्फबारी में फंसे पर्यटकों में मौमिता हलदर, पियाली कोले, जाजला त्रिवेदी कुमार, आदित्य सिंघा, डिप्लिना बिस्वास और राजेश डे शामिल थे।

Q2: शे–फोक्सुंडो झील नेपाल में कहाँ स्थित है और इसकी खासियत क्या है?उत्तर: शे-फोक्सुंडो झील नेपाल के डोल्पा जिले में शे-फोक्सुंडो राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है। यह समुद्र तल से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर है और लगभग 145 मीटर गहराई के साथ नेपाल की सबसे गहरी झील मानी जाती है।

Q3: पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए किस तकनीक का प्रयोग किया गया?उत्तर: दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर बर्फ जमने और नेटवर्क न होने के कारण नेपाली सेना ने हेलीकॉप्टर (Air Evacuation) के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

 

प्रासंगिक लिंक (Relevant Links)

सटीक जानकारी के लिए विजिट करें:

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध प्राथमिक रिपोर्टों और स्थानीय नेपाली प्रशासन व सेना द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। मौसम और जमीनी परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा निर्देशों में बदलाव हो सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से पूर्व हमेशा स्थानीय आधिकारिक चेतावनियों का अवलोकन अवश्य करें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।