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शेयर बाजार में दिवाली जैसा माहौल: सेंसेक्स 1,233 अंक उछला, रिलायंस 11% चढ़ा, क्या निफ्टी पहुंचेगा 23,500 के पार?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

मुंबई| 

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) ने नवंबर महीने की शुरुआत जबरदस्त खरीदारी और तूफानी तेजी के साथ की है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों की ओर से चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक उछल गया।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 1,233 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ 75,692.78 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) करीब 1.68 प्रतिशत चढ़कर 23,440.80 के अंक पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र रहा जब भारतीय इक्विटी बाजार में बढ़त का सिलसिला जारी रहा।

 

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बाज़ार में तेजी के 5 बड़े कारण

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी उछाल

आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान दिग्गज़ कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) का रहा। बेहतर तिमाही नतीजों (Q3 Results) के बाद कंपनी के शेयरों में 11% से अधिक की तूफानी तेजी दर्ज की गई। रिलायंस के मजबूत प्रदर्शन ने पूरे बाजार के सेंटीमेंट को सकारात्मक मोड़ दिया।

कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में राहत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) गिरकर लगभग $109 प्रति बैरल पर आ गया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में नरमी से चालू खाते का घाटा (CAD) और महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद है।

विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी

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विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां फिर से सुधरती नजर आ रही हैं। भारतीय बाजार को लेकर वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, साथ ही सरकार द्वारा पूंजी बाजार को बढ़ावा देने वाले सुधारों की उम्मीद में खरीदारी बढ़ी है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का समर्थन

विदेशी पूंजी के साथ-साथ घरेलू म्युचुअल फंड्स और संस्थागत निवेशकों (DIIs) की निरंतर लिवाली ने बाजार को निचले स्तरों पर ठोस सहारा दिया है।

चौतरफा सेक्टोरल खरीदारी

बाजार की यह तेजी केवल कुछ शेयरों तक सीमित नहीं रही। ऑटो, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं (Financial Services) और एनर्जी सेक्टर के अधिकांश शेयरों में भारी बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, हाल के दिनों में तेजी दिखा चुके कुछ आईटी (IT) शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) की।

 

निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ का इजाफा

शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी से बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) कई लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। इससे खुदरा और संस्थागत निवेशकों की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी हुई है।

 

अब 23,500 के स्तर पर टिकी निगाहें

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए अब 23,500 का स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस और ट्रेंड संकेतक है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार 24,000 की ओर कदम बढ़ा सकता है।

हालांकि, निवेशकों को आगे चलकर कच्चे तेल की चाल, अमेरिकी बाजार का रुख, कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजे और एफआईआई के आंकड़ों पर सतर्क नजर रखनी होगी।

 

निवेशकों के लिए टेकअवे

एक दिन की बड़ी बढ़त को देखकर किसी भी शेयर में बिना सोचे-समझे (FOMO में) प्रवेश न करें। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी के फंडामेंटल, मूल्यांकन (Valuation) और अपने वित्तीय लक्ष्यों का विशेष ध्यान रखें।

 

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक चढ़कर बंद हुए?

उत्तर: सेंसेक्स 1,233 अंक की बढ़त के साथ 75,692.78 पर और निफ्टी करीब 1.68% की तेजी के साथ 23,440.80 अंक पर बंद हुआ।

Q2. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में कितनी तेजी आई?

उत्तर: बेहतर तिमाही नतीजों के चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 11% से अधिक का उछाल दर्ज किया गया।

Q3. निफ्टी के लिए अगला मुख्य स्तर कौन सा है?

उत्तर: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए अगला महत्वपूर्ण स्तर 23,500 अंक है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार का वित्तीय या शेयर बाजार निवेश करने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Advisor) से परामर्श अवश्य लें।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।