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Bharat Renewable Energy Summit 2026: स्वच्छ ऊर्जा का वैश्विक महाकुंभ भारत मंडपम में शुरू; 130+ देश, 400 प्रदर्शक होंगे शामिल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

नई दिल्ली।

भारत को वैश्विक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा (Clean & Renewable Energy) के केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से Bharat Renewable Energy Summit & Expo (BRESE) 2026 का भव्य शुभारंभ आज, 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में हो गया है। यह चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन 5 नवंबर 2026 तक चलेगा।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिखर सम्मेलन का आधिकारिक उद्घाटन किया जाएगा। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक निवेश, नई तकनीकों के आदान-प्रदान, घरेलू विनिर्माण क्षमता और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को गति देना है।

 

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130 से अधिक देशों की भागीदारी और उच्चस्तरीय उपस्थिति

भारत सरकार के अनुसार, इस वैश्विक आयोजन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद जताई गई है। शिखर सम्मेलन में विश्व भर से 40 से अधिक ऊर्जा मंत्री, नीति निर्माता, वैश्विक निवेशक, वित्तीय संस्थान, अग्रणी ऊर्जा कंपनियां और तकनीकी विशेषज्ञ एक मंच पर जुट रहे हैं।

व्यापारिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से सम्मेलन में B2B (बिज़नेस–टू–बिज़नेस), B2G (बिज़नेस–टू–गवर्नमेंट) और G2G (गवर्नमेंट–टू–गवर्नमेंट) स्तर पर कई महत्वपूर्ण साझेदारियों और समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

 

‘Invest. Innovate. Inspire.’ थीम के साथ भविष्य की रणनीति

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वर्ष 2026 के शिखर सम्मेलन का आधिकारिक विषय (Theme) “Invest. Innovate. Inspire.” रखा गया है। सम्मेलन के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित तकनीकी और वित्तीय पहुलुओं पर केंद्रित चर्चाएं होंगी:

  • निवेश प्रोत्साहन: नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में वैश्विक पूंजी को आकर्षित करना।
  • हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) एवं सौर ऊर्जा: कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए अगली पीढ़ी की तकनीकों को अपनाना।
  • ऊर्जा भंडारण (Energy Storage): बैटरी और ग्रिड भंडारण क्षमता का विकास।
  • घरेलू विनिर्माण: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वच्छ ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को मजबूत करना।

 

एक्सपो में 400 से अधिक प्रदर्शक दिखाएंगे अत्याधुनिक तकनीक

सम्मेलन के साथ-साथ आयोजित हो रहे एक्सपो में 400 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। इनमें प्रमुख सौर व पवन ऊर्जा निर्माता, स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थान और ऊर्जा समाधान प्रदाता कंपनियां शामिल हैं, जो ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों के नए मॉडल प्रदर्शित कर रहे हैं।

 

तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का एक साथ आयोजन

BRESE 2026 की एक बड़ी खासियत यह है कि इसके साथ दो अन्य महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंचों का आयोजन भी किया जा रहा है:

  1. अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की 9वीं असेंबली
  2. ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH)

इन आयोजनों के माध्यम से सौर ऊर्जा के वैश्विक विस्तार, जलवायु वित्त (Climate Finance) और ग्रीन हाइड्रोजन सप्लाई चेन जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा।

 

13 भारतीय राज्यों की मजबूत भागीदारी

भारत के 2030 के 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों की भूमिका बेहद अहम है। इस सम्मेलन में देश के 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं और निवेश के अवसरों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

इनमें शामिल राज्य हैं:

उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, ओडिशा और पश्चिम बंगाल।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: Bharat Renewable Energy Summit 2026 का आयोजन कब और कहाँ हो रहा है?

उत्तर: यह सम्मेलन 2 से 5 नवंबर 2026 के बीच नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है।

Q2: BRESE 2026 की मुख्य थीम क्या है?

उत्तर: इस शिखर सम्मेलन की थीम “Invest. Innovate. Inspire.” है।

Q3: इस सम्मेलन के साथ कौन–से दो अन्य प्रमुख आयोजन हो रहे हैं?

उत्तर: इसके साथ अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की 9वीं असेंबली और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH) आयोजित किया जा रहा है।

Q4: सम्मेलन में कितने देशों और प्रदर्शकों की भागीदारी की उम्मीद है?

उत्तर: सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों की संभावित उपस्थिति और 400 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है।

 

संबंधित लिंक्स (Related Links)

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख आयोजकों एवं आधिकारिक घोषणाओं द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। 130 से अधिक देशों की संख्या आयोजकों द्वारा अपेक्षित भागीदारी को दर्शाती है और इसे अंतिम सत्यापित उपस्थिति के रूप में न समझें। ताजा खबरों और अपडेट के लिए मातृभूमि समाचार के मुख्य पोर्टल पर जाएं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।