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मेक्सिको में 6.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: गुएरेरो में घर ढहने से मौत, राजधानी तक कांपी धरती

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मेक्सिको सिटी. दक्षिणी मेक्सिको के गुएरेरो (Guerrero) राज्य में शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को 6.5 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया। इस आपदा में अब तक कम से कम दो लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है और 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इनका असर राजधानी मेक्सिको सिटी तक महसूस किया गया, जिससे नए साल के जश्न के बीच अफरा-तफरी मच गई।

भूकंप का केंद्र और समय

मेक्सिको की नेशनल सिस्मोलॉजिकल एजेंसी के अनुसार, भूकंप सुबह स्थानीय समयानुसार लगभग 07:58 बजे आया। इसका केंद्र गुएरेरो राज्य के सैन मार्कोस शहर के पास, जमीन से करीब 35 से 40 किलोमीटर की गहराई में था। यह क्षेत्र मशहूर पर्यटन स्थल अकापुल्को (Acapulco) के काफी करीब है।

जान-माल का नुकसान

  • गुएरेरो: राज्य की गवर्नर एवलिन सालगाडो ने पुष्टि की है कि केंद्र के पास स्थित एक समुदाय में 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जब भूकंप के कारण उसका घर ढह गया। इसके अलावा, राज्य की राजधानी चिलपानसिंगो में एक अस्पताल की इमारत को गंभीर संरचनात्मक क्षति हुई है।

  • मेक्सिको सिटी: राजधानी में भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान की ओर भागते समय गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। शहर की मेयर क्लारा ब्रुगाडा ने बताया कि कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई और इमारतों में दरारें देखी गई हैं।

  • आफ्टरशॉक्स: मुख्य झटके के बाद अब तक 500 से अधिक आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के हल्के झटके) दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

राष्ट्रपति की प्रेस कॉन्फ्रेंस रुकी

भूकंप उस समय आया जब मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम नए साल की अपनी पहली प्रेस ब्रीफिंग कर रही थीं। भूकंप के अलार्म बजते ही राष्ट्रपति और सभी पत्रकारों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद उन्होंने अपनी ब्रीफिंग दोबारा शुरू की और राहत कार्यों का जायजा लिया।

ताजा अपडेट: सिविल डिफेंस की टीमें प्रभावित इलाकों में मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों की तलाश में जुटी हैं। अकापुल्को जाने वाले कई हाईवे पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के कारण यातायात बाधित हुआ है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।