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‘मोदी और मैं काम करके दिखाते हैं’ – टैरिफ कटौती के बाद ट्रंप का बड़ा बयान, भारतीय निर्यातकों की चांदी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा भारत पर लगाए गए आयात शुल्क (Tariff) को 25% से घटाकर 18% करने का फैसला भारत–अमेरिका व्यापारिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। यह अहम निर्णय 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई उच्चस्तरीय टेलीफोनिक बातचीत के बाद सामने आया।

इस फैसले से न सिर्फ भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा राजनीति, निवेश और सप्लाई चेन पर भी इसका दूरगामी असर देखने को मिलेगा।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: क्या बदला अमेरिका–भारत व्यापार में?

राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि भारत से अमेरिका आने वाले अधिकांश उत्पादों पर लागू Reciprocal Tariff को अब 25% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा।

डील की प्रमुख शर्तें:

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  • 500 अरब डॉलर का मेगा समझौता:
    भारत ने अमेरिका से कोयला, प्राकृतिक गैस, तकनीक और कृषि उत्पादों की बड़े पैमाने पर खरीद की प्रतिबद्धता जताई है।
  • रूस से तेल आयात पर पेनल्टी खत्म:
    रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25% दंडात्मक शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया है।
  • अब कुल प्रभावी टैरिफ:
    पहले जहां कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया था, अब वह सीधे 18% रह गया है।

यह कदम वैश्विक व्यापार संतुलन में भारत की स्थिति को और मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया: ‘भारत–अमेरिका के रिश्तों में शानदार क्षण’

प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले को भारत के लिए रणनीतिक जीत बताया।

  • X (Twitter) पोस्ट:
    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को “प्रिय मित्र” कहते हुए धन्यवाद दिया और इसे 140 करोड़ भारतीयों के लिए बड़ी खुशखबरी बताया।
  • वैश्विक असर:
    उन्होंने कहा कि जब दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र साथ आते हैं, तो उसका लाभ पूरी दुनिया को मिलता है।
  • विकसित भारत 2047:
    यह डील भारत के Viksit Bharat 2047 विजन को गति देने वाली मानी जा रही है।

भारतीय निर्यातकों के लिए क्या बदलेगा? (सेक्टर-वाइज फायदा)

1. टेक्सटाइल और परिधान उद्योग

  • 50% टैरिफ के कारण भारतीय कपड़ा उद्योग बांग्लादेश और वियतनाम से पिछड़ रहा था।
  • अब 18% शुल्क से तिरुपुर, लुधियाना और सूरत जैसे टेक्सटाइल हब को सीधा लाभ मिलेगा।
  • MSME निर्यातकों की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।

2. आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर

  • अमेरिका के साथ बेहतर रिश्तों से भारतीय आईटी कंपनियों में निवेश बढ़ेगा।
  • भारत में अमेरिकी डेटा सेंटर निवेश को टैक्स राहत मिलने से डिजिटल इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।

3. स्टील और इंजीनियरिंग गुड्स

  • टैरिफ कटौती से ‘मेक इन इंडिया’ उत्पाद अमेरिका में ज्यादा प्रतिस्पर्धी होंगे।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, इंजीनियरिंग निर्यात में 15–20% तक बढ़ोतरी संभव है।

पुरानी बनाम नई स्थिति: एक नजर में

बिंदु2025 तकफरवरी 2026 से
रेसिप्रोकल टैरिफ25%18%
रूस तेल पेनल्टी25%0%
कुल प्रभावी शुल्क50%18%
प्रमुख ऊर्जा स्रोतरूसअमेरिका, वेनेजुएला

ट्रंप द्वारा लिया गया यह फैसला सिर्फ टैरिफ कटौती नहीं, बल्कि भारत–अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की नई शुरुआत है। इससे भारतीय निर्यात, रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।