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क्या कुद्स फोर्स प्रमुख इस्माइल कानी ने की इजरायल के लिए जासूसी? जानें गायब होने का पूरा सच

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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तेहरान. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की विदेशी शाखा, कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी को लेकर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के एक हिस्से में चल रही अटकलों ने खलबली मचा दी है। दावों के अनुसार, कानी को इजरायल के लिए जासूसी करने के संदेह में हिरासत में लिया गया है, हालांकि ईरान ने इसे ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ करार दिया है।

विवाद की जड़: अचानक गायब होना

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बेरूत में इजरायली हमलों के बाद इस्माइल कानी कई दिनों तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आए। विशेष रूप से हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद उनकी अनुपस्थिति ने इन कयासों को हवा दी कि:

  • इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद ने ईरान के शीर्ष सैन्य तंत्र में सेंध लगा दी है।

  • कानी और उनकी टीम से पूछताछ की जा रही है कि नसरल्लाह की सटीक लोकेशन इजरायल को कैसे पता चली।

मीडिया के सनसनीखेज दावे

कुछ अरब मीडिया आउटलेट्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि पूछताछ के दौरान कानी की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्टों में यहाँ तक कहा गया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने सैन्य अधिकारियों के बीच ‘गद्दारों’ की पहचान करने के लिए आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।

ईरान का पलटवार: “अफवाहों पर ध्यान न दें”

इन खबरों के बीच, ईरानी अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन दावों को खारिज कर दिया है।

  • सरकारी बयान: IRGC के प्रवक्ता ने कहा कि जनरल कानी पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।

  • वीडियो साक्ष्य: ईरान ने कानी के कुछ हालिया वीडियो और तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें इन अफवाहों का जवाब माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से अक्सर उच्च अधिकारियों की मूवमेंट को गुप्त रखा जाता है।

विशेषज्ञों की राय

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खबरें अक्सर सूचना युद्ध (Information Warfare) का हिस्सा होती हैं। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौर में, एक-दूसरे के मनोबल को गिराने के लिए इस तरह की ‘लीक्स’ का इस्तेमाल किया जाता है।

मुख्य बिंदु: > * अब तक इस्माइल कानी के खिलाफ जासूसी के कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

  • ईरान ने इसे पश्चिमी देशों और इजरायल की साजिश बताया है।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।