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गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई: जैश-ए-मोहम्मद का टेरर मॉड्यूल ध्वस्त, MP और गुजरात से 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

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अहमदाबाद । शुक्रवार, 3 जुलाई 2026

देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुजरात एटीएस ने एक खुफिया और सटीक ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ सक्रिय सदस्यों को धर-दबोचा है। यह गिरफ्तारियां गुजरात और मध्य प्रदेश (MP) के अलग-अलग जिलों से की गई हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये सभी आरोपी देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में जैश का एक नया और खतरनाक स्लीपर सेल या एक्टिव नेटवर्क तैयार करने की फिराक में थे।

कम उम्र के युवाओं को बनाया जा रहा निशाना

इस पूरे ऑपरेशन में सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक खुलासा यह हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आठ संदिग्धों में से दो आरोपियों की उम्र महज 18 और 19 साल है। सुरक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन अब सोशल मीडिया और कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए बेहद कम उम्र के युवाओं को ‘ब्रेनवॉश’ कर अपने जाल में फंसा रहे हैं। गुजरात एटीएस ने सभी आठों आरोपियों को रिमांड पर लेकर अलग-अलग जिलों में उनकी गतिविधियों, स्थानीय संपर्कों और वित्तीय स्रोतों (Funding Sources) को खंगालना शुरू कर दिया है।

गुजरात में सक्रिय नेटवर्क बनाने की थी साजिश

शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य गुजरात के भीतर जैश-ए-मोहम्मद का एक मजबूत और सक्रिय नेटवर्क (Active Network) तैयार करना था। इस नेटवर्क के जरिए आने वाले समय में राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। एटीएस को इनके पास से डिजिटल उपकरण और कुछ संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

क्या है जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का इतिहास?

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) पाकिस्तान की धरती से संचालित होने वाला एक बेहद क्रूर और कुख्यात आतंकवादी संगठन है। इस संगठन का इतिहास सीधे तौर पर भारत विरोधी साजिशों से जुड़ा हुआ है:

  1. साल 2000 में गठन: इस संगठन की नींव कुख्यात आतंकी मौलाना मसूद अजहर ने साल 2000 में रखी थी। इसका मुख्य मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में स्थित है, जहां से यह पूरे पाकिस्तान और सीमा पार आतंकी कैंप संचालित करता है।

  2. IC-814 विमान अपहरण कांड का कनेक्शन: मसूद अजहर को साल 1994 में जम्मू-कश्मीर से भारत विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था। कंधार (अफगानिस्तान) में बंधक बनाए गए यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के बदले तत्कालीन भारत सरकार को मजबूरी में मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को रिहा करना पड़ा था। जेल से छूटते ही उसने जैश का गठन किया।

  3. भारत पर बड़े हमले: जैश-ए-मोहम्मद भारत में साल 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले (जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे) का मुख्य मास्टरमाइंड रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

गुजरात और मध्य प्रदेश के इस साझा ऑपरेशन के बाद दोनों राज्यों की पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। एटीएस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान में बैठे आकाओं से क्या निर्देश मिल रहे थे और इसके तार देश के किन-किन अन्य राज्यों से जुड़े हैं।

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