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कानपुर में पांडु नदी के बाढ़ पीड़ितों के लिए संघ का राहत कार्य: स्वयंसेवक लगातार 4 दिनों से बाँट रहे भोजन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

कानपुर|

कानपुर में पांडु नदी के उफान पर आने से तटीय इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। ऐसे संकट के समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) किसान नगर, कानपुर पश्चिम के कार्यकर्ता पीड़ितों की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। स्वयंसेवक विगत चार दिनों से लगातार पांडु नदी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पीड़ित परिवारों को ताजा भोजन वितरित कर राहत प्रदान कर रहे हैं।

 

प्रतिदिन तैयार हो रहा 1 कुंतल पूड़ी और 1.5 कुंतल सब्जी

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नगर कार्यवाह अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सह संघचालक डॉ. प्रेम शंकर के निवास स्थान पर प्रतिदिन सुबह से ही भोजन बनाने का कार्य प्रारंभ हो जाता है।

बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रतिदिन:

  • 1 कुंतल (100 किग्रा) आटे की गरमा-गरम पूड़ियाँ पकाई जाती हैं।
  • डेढ़ कुंतल (150 किग्रा) पौष्टिक सब्जी तैयार की जाती है।

भोजन तैयार होने के बाद, पवन बिक्र फील्ड के विशाल बधावन के सहयोग से प्राप्त ट्रैक्टर-ट्राली में पूड़ी-सब्जी से भरे विशाल भगौने लादे जाते हैं। इसके बाद स्वयंसेवक खुद जलभराव वाले पानी के बीच जाकर प्रभावित लोगों तक भोजन पहुँचाते हैं।

 

इन प्रभावित इलाकों में पहुँचाई जा रही राहत

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ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से स्वयंसेवक पांडु नदी से प्रभावित निम्नलिखित निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में घर-घर जाकर भोजन का वितरण कर रहे हैं:

  • भौती खेड़ा
  • भौती
  • नयी बस्ती
  • बंगाली कालोनी
  • प्रतापपुर
  • पनका एवं आसपास के अन्य क्षेत्र

 

तन, मन और धन से जुटे समर्पित स्वयंसेवक

इस पुनीत और मानव सेवा के कार्य में संघ के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ योगदान दे रहे हैं। राहत कार्य में रामस्वरूप, प्रेम शंकर, अमित, सौरभ, दलजीत, अवधेश, सुधीर, राहुल, रामचन्द्र, शालू, लव, दिलीप, रमन, हेमन्त, नीरज, घनश्याम, सुयश, और प्रशांत सहित कई स्वयंसेवक तन, मन और धन से निरंतर जुटे हुए हैं।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. कानपुर में पांडु नदी के बाढ़ पीड़ितों की मदद कौन कर रहा है?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) किसान नगर, कानपुर पश्चिम के स्वयंसेवक लगातार पांडु नदी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन और राहत सामग्री पहुँचा रहे हैं।

Q2. प्रतिदिन कितना भोजन तैयार किया जा रहा है?

सह संघचालक डॉ. प्रेम शंकर के निवास पर प्रतिदिन 1 कुंतल (100 किग्रा) आटे की पूड़ी और 1.5 कुंतल (150 किग्रा) सब्जी तैयार की जाती है।

Q3. भोजन वितरण किस माध्यम से और किन क्षेत्रों में किया जा रहा है?

ट्रैक्टर-ट्राली में भोजन के भगौने रखकर भौती खेड़ा, भौती, नयी बस्ती, बंगाली कालोनी, प्रतापपुर और पनका जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों में भोजन बाँटा जा रहा है।

 

संबंधित लेख एवं आधिकारिक लिंक्स (Matribhumi Samachar English)

 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह समाचार रिपोर्ट केवल सूचनात्मक और जनहित के उद्देश्यों के लिए प्रकाशित की गई है। इसमें उल्लिखित राहत कार्यों और आंकड़ों की जानकारी स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों द्वारा दी गई जानकारियों पर आधारित है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।