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कानपुर गल्ला मंडी भाव: गेहूं में स्थिरता, लेकिन उड़द के दाम सुन आसमान छू रहे हैं भाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | शनिवार, 4 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी, कानपुर (गल्ला मंडी) में आज यानी शनिवार को अनाज और दलहन की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, नई फसल की संतुलित आवक और त्योहारी सीजन के बाद की सामान्य मांग के चलते भाव सीमित दायरे में बने हुए हैं। जहाँ गेहूं की कीमतों में स्थिरता है, वहीं उड़द जैसी चुनिंदा दालों के दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।

? अनाज बाजार: गेहूं की चमक बरकरार, मोटे अनाजों में ठहराव

मंडी में आज गेहूं की आवक सामान्य रही। गेहूं (दड़ा) की कीमतें ₹2,600 से ₹2,625 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज की गईं। वहीं, प्रीमियम क्वालिटी वाले गेहूं (फार्म) के भाव ₹2,800 से ₹2,850 तक रहे। मोटे अनाजों में जौ और बाजरा के भावों में पिछले सत्र के मुकाबले कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया।

अनाज का नामथोक भाव (₹ प्रति क्विंटल)
गेहूं (दड़ा)2,600 – 2,625
गेहूं (फार्म)2,800 – 2,850
जौ2,250 – 2,350
ज्वार2,100 – 2,150
बाजरा1,900 – 2,100

? दलहन बाजार: उड़द और अरहर के भावों में तेजी का रुख

दालों के बाजार में आज उड़द (हरा) के भाव सबसे ऊंचे स्तर पर रहे, जो ₹11,100 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। अरहर दाल की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे इसके थोक भाव ₹7,500 के आसपास टिके हुए हैं। चने की दाल में भी हल्की मजबूती के साथ ₹6,800 का अधिकतम स्तर देखा गया।

  • अरहर (साबुत): ₹7,000 – ₹7,500

  • मसूर (साबुत): ₹5,650 – ₹5,850

  • मटर (सफेद): ₹3,800 – ₹3,900

  • उड़द (हरा): ₹10,800 – ₹11,100

  • चना दाल: ₹6,800 (अधिकतम)

? बाजार की स्थिति और भविष्य के संकेत

कानपुर गल्ला मंडी के व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि आवक में बढ़ोतरी होती है, तो गेहूं की कीमतों में ₹20-₹30 की नरमी आ सकती है। हालांकि, दालों के मामले में स्टॉक की स्थिति कम होने के कारण भावों में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है।

व्यापारी दृष्टिकोण: “मंडी में फिलहाल सप्लाई चेन सुचारू है। उड़द और अरहर की मांग अन्य दालों के मुकाबले अधिक है, जिससे इनके भावों को सपोर्ट मिल रहा है।”

⚠️ पाठकों के लिए सुझाव: उपरोक्त भाव कानपुर थोक बाजार के अनुमानित आंकड़े हैं। मंडी में माल की क्वालिटी (Quality) और नमी (Moisture content) के आधार पर वास्तविक भावों में बदलाव संभव है। खरीदारी या बिक्री करने से पहले स्थानीय आढ़तियों से भाव की पुष्टि अवश्य करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।