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एआई+ यूज़र्स को डेटा और प्राइवेसी पर मिलेगा ज्यादा कंट्रोल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली, सितंबर, 2026 : फोन में कौन-सा ऐप आपके डेटा को कब और कैसे इस्तेमाल कर रहा है, यह जानना यूज़र्स के लिए आसान नहीं होता। इसी परेशानी को दूर करने के लिए एआई+ स्मार्टफोन ने एनएक्सटी क्वांटम ओएस का नया वर्जन 1.1 पेश किया है, जिससे यूज़र्स को डेटा और प्राइवेसी पर ज्यादा जानकारी और कंट्रोल मिलेगा। खास बात यह है कि कोर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और सोर्स कोड भारत में ही सुरक्षित रहेगा।

एनएक्सटी क्वांटम शिफ्ट टेक्नोलॉजीस और एआई+ स्मार्टफोन के सीईओ माधव शेठ ने कहा, “टेक्नोलॉजी का भविष्य सिर्फ इस बात से तय नहीं होता कि वह क्या कर सकती है। असली बात यह है कि लोग उस पर कितना भरोसा करते हैं।”

एनएक्सटी क्वांटम ओएस 1.1 के तहत ऐप्स से जुड़ा 100% डेटा ट्रैफिक भारत में मौजूद सर्वर्स के जरिए प्रोसेस होगा। सिस्टम 1,000 से ज्यादा कनेक्शन्स और 172 अलग-अलग डेस्टिनेशन आईपी एड्रेस से जुड़े सोर्स रूल्स की ऑटोमैटिक जाँच करेगा। डेटा ट्रैफिक और आईपी पिंग्स भारत के नेटवर्क के अंदर ही रहेंगे। सिर्फ जरूरी गूगल कोर सर्विसेस के लिए डेटा ट्रैफिक कैलिफोर्निया और सिंगापुर तक जाएगा।

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इस अपडेट के साथ एनएक्सटी प्राइवेसी डैशबोर्ड भी दिया गया है। इसमें यूज़र्स एक ही जगह सभी ऐप्स की परमिशन्स देख सकेंगे और जरूरत के हिसाब से उन्हें बदल या बंद कर सकेंगे। बैकग्राउंड में कोई ऐप कब और फोन के किन फीचर्स को एक्सेस कर रहा है, इसकी जानकारी भी मिलेगी। जरूरत से ज्यादा परमिशन इस्तेमाल होने पर प्राइवेसी अलर्ट मिलेगा।

यह अपडेट प्रोजेक्ट ओपन रिव्यू 2.0 का भी हिस्सा है, जिसमें रिव्यूअर्स, क्रिएटर्स, जर्नलिस्ट्स और एथिकल हैकर्स एआई+ डिवाइसेस को टेस्ट कर अपना फीडबैक दे सकते हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।