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लखनऊ में फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने वाला बांग्लादेशी नागरिक और जनसेवा केंद्र संचालक गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बाजारखाला क्षेत्र से पुलिस ने फर्जी भारतीय पहचान पत्रों के आधार पर अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक और उसकी मदद करने वाले जनसेवा केंद्र (CSC) संचालक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक की पहचान मोहम्मद सज्जाद हुसैन (28), निवासी चटग्राम (बांग्लादेश) के रूप में हुई है। वहीं, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उसकी सहायता करने वाले दूसरे आरोपी की पहचान लखनऊ के भदेवा निवासी मोहम्मद तलहा (जनसेवा केंद्र संचालक) के रूप में की गई है।

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|                          मामले का विवरण एवं घटनाक्रम                     |

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| • मुख्य आरोपी: मोहम्मद सज्जाद हुसैन (28), चटग्राम (बांग्लादेश)             |

| • सहयोगी आरोपी: मोहम्मद तलहा, जनसेवा केंद्र संचालक (लखनऊ)              |

| • गिरफ़्तारी स्थल: रेलवे कॉलोनी ग्राउंड के पास, बाजारखाला (लखनऊ)          |

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| • नेटवर्क का खुलासा: FRRO जांच एवं खुफिया सूचना के आधार पर              |

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FRRO पहुंचने पर खुला राज

मामले की शुरुआत तब हुई जब आरोपी मोहम्मद सज्जाद हुसैन अपने वीजा संबंधी पंजीकरण और विस्तार कार्य के लिए लखनऊ स्थित Foreigners Regional Registration Office (FRRO) पहुंचा। दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) के दौरान अधिकारियों को उसके भारतीय पहचान पत्रों पर गहरा संदेह हुआ।

FRRO अधिकारियों द्वारा दी गई सूचना और खुफिया इनपुट के आधार पर बाजारखाला थाना पुलिस ने गुलजार नगर क्षेत्र में रेलवे कॉलोनी ग्राउंड के पास घेराबंदी कर सज्जाद को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसके पास से बांग्लादेश के दो पासपोर्ट भी बरामद किए गए, जिनमें से एक पासपोर्ट पर टूरिस्ट वीजा अंकित था।

 

2,900 रुपये में बनाए गए थे फर्जी पहचान पत्र

पुलिस जांच में सामने आया कि भारत आने के बाद सज्जाद को स्थानीय स्तर पर रहने और बैंक खाता खुलवाने के लिए भारतीय दस्तावेजों की आवश्यकता थी। इसके लिए उसने लखनऊ के भदेवा स्थित जनसेवा केंद्र के संचालक मोहम्मद तलहा से संपर्क किया।

  1. फर्जी निवास व जन्म प्रमाण पत्र: तलहा ने बैक-डेटेड फर्जी निवास प्रमाण पत्र और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए।
  2. आधार कार्ड का निर्माण: इन फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सज्जाद का आधार कार्ड जारी करवाया गया।
  3. पैन और वोटर आईडी: आधार की मदद से बाद में उसका पैन कार्ड और वोटर पहचान पत्र (Voter ID) भी तैयार करा लिया गया।
  4. बैंक खाता: इन फर्जी कागजातों का उपयोग कर लखनऊ स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा में एक खाता भी खुलवाया गया था।

इन दस्तावेजों को तैयार करने के एवज में सज्जाद ने ऑनलाइन पेमेंट (QR Code) और नकद मिलाकर कुल ₹2,900 का भुगतान किया था।

 

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:

  • 2 मूल बांग्लादेशी पासपोर्ट
  • फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी
  • फर्जी निवास एवं जन्म प्रमाण पत्रों की रंगीन प्रतियां
  • 2 मोबाइल फोन, कंप्यूटर सिस्टम एवं प्रिंटर

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) और विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। सुरक्षा एजेंसियां और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) इस पूरे गिरोह के अन्य नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

 

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: लखनऊ में बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी किस मामले में हुई है?

Ans: फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी बनवाने तथा अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तारी हुई है।

Q2: फर्जी पहचान पत्र बनवाने में किसने मदद की थी?

Ans: लखनऊ के भदेवा स्थित जनसेवा केंद्र (CSC) के संचालक मोहम्मद तलहा ने फर्जी निवास और जन्म प्रमाण पत्र बनाकर ये दस्तावेज तैयार करवाए थे।

Q3: आरोपियों के खिलाफ किन कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है?

Ans: भारतीय न्याय संहिता (BNS), लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

 

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Disclaimer:

यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले में विधिक कार्यवाही और आगे की जांच जारी है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।