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बचपन की शरारतों से लेकर आज की खुशियों तक, सूरज और गौरव ने सुनाए दिवाली के किस्से

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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उत्तर प्रदेश, अक्टूबर 2026: दिवाली ऐसा त्योहार है, जो बचपन की कई खूबसूरत यादें ताजा कर देता है। पटाखे फोड़ने का उत्साह हो, कोई खास तोहफा मिलने की खुशी हो या फिर परिवार के साथ समय बिताना, इस त्योहार से हर किसी की कुछ खास यादें जुड़ी होती हैं। इस दिवाली सन नियो के कलाकार सूरज प्रताप सिंह, जो ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में प्रेम का किरदार निभा रहे हैं, और गौरव बाजपेयी, जो ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ में अभिजीत की भूमिका में नजर आ रहे हैं, अपने बचपन की दिवाली की यादें साझा कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि इस साल वे दिवाली कैसे मनाने वाले हैं।

बचपन की यादों और समय के साथ दिवाली मनाने के तरीके में आए बदलाव के बारे में बात करते हुए सूरज प्रताप सिंह ने कहा, “बचपन की दिवाली की मेरी सबसे यादगार यादों में से एक दोस्तों के साथ पटाखे फोड़ना है। मुझे लगता है कि ज्यादातर लड़कों ने कभी न कभी ऐसा जरूर किया होगा। हम पटाखा जलाकर हवा में उछाल देते थे और फिर उसे फूटते हुए देखते थे। उस समय हमें ऐसा करने में बहुत मजा आता था। लेकिन आज जब मैं उन दिनों को याद करता हूं, तो समझ आता है कि यह कितना गलत और खतरनाक था। एक तो इतने सारे पटाखे फोड़ना सही नहीं है और ऊपर से उनके साथ ऐसे करतब करना और भी खतरनाक है। मैं सभी से अपील करूंगा कि ऐसा बिल्कुल न करें। दिवाली खुशियां बांटने और अपनों के साथ समय बिताने का त्योहार है। अपने परिवार के साथ रहें, खूब खुशियां मनाएं और अगर पटाखे फोड़ते भी हैं, तो सावधानी बरतें और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।”

उन्होंने आगे कहा, “पहले मुझे पटाखे फोड़ना और पूरे जोश के साथ दिवाली मनाना बहुत पसंद था, लेकिन अब मुझे अपने परिवार के साथ अच्छा समय बिताना, मिठाइयां बांटना और उनके साथ खूबसूरत यादें बनाना ज्यादा अच्छा लगता है। इस साल मैं ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ की पूरी टीम के साथ दिवाली मनाऊंगा। सेट पर मौजूद बच्चों के साथ समय बिताने को लेकर मैं खास तौर पर उत्साहित हूं। हम सब मिलकर खूब मस्ती करेंगे, मिठाइयां खाएंगे और त्योहार मनाएंगे। बच्चों के साथ त्योहार मनाने की खुशी ही अलग होती है। मुझे यकीन है कि यह दिवाली हम सभी के लिए बहुत खास होगी।”

वहीं, अपने बचपन की सबसे प्यारी दिवाली की याद और इस साल के जश्न के बारे में बात करते हुए गौरव बाजपेयी ने कहा, “बचपन की दिवाली की मेरी सबसे खास यादों में से एक है, जब मेरे पापा ने मुझे एक बाइक तोहफे में दी थी। वह मेरे लिए बहुत खूबसूरत सरप्राइज था और उस दिन जो खुशी मिली थी, वह आज भी मुझे याद है। मुझे हमेशा से पटाखे फोड़ना पसंद रहा है, क्योंकि उनसे त्योहार का उत्साह और रौनक बढ़ जाती है। हालांकि, दीये जलाना, मिठाइयां और त्योहार की परंपराएं भी उतनी ही खास हैं। इस दिवाली मेरी यही कामना है कि मुझे जिंदगी में सफलता मिले और मेरे परिवार को हमेशा शांति, खुशी और अच्छी सेहत मिले। मेरा मानना है कि सफलता का असली मतलब तभी है, जब आपके अपने खुश हों और आपके साथ हों।”

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उन्होंने आगे कहा, “दिवाली मनाने का मेरा तरीका बहुत सीधा और पारंपरिक है। सबसे पहले मैं घर की सफाई और सजावट करूंगा। इसके बाद लक्ष्मी-गणेश की पूजा होगी। फिर परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताऊंगा, स्वादिष्ट खाना और मिठाइयों का आनंद लूंगा और साथ में कुछ खूबसूरत यादें बनाऊंगा। मेरे लिए दिवाली का मतलब खुशियां बांटना, अपनों के साथ रहना और उनके साथ इन खास पलों का आनंद लेना है।”

‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ हर सोमवार से शनिवार शाम ७ बजे और ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ शाम ७:३० बजे, सिर्फ सन नियो पर देखें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।