लोड हो रहा है...

धनतेरस पर अनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ की अभिनेत्री सिमरन कौर ने बताया, क्यों यह त्यौहार सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है: “प्यार से परिपूर्ण घर ही असली दौलत है”

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

उत्तर प्रदेश, नवम्बर, 2026 : धनतेरस का त्यौहार शुरू होते ही देशभर के घरों में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सौभाग्य के स्वागत की तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं। परंपरा के अनुसार, इस दिन सोना, चाँदी या कोई विशेष वस्तु खरीदकर घर लाई जाती है और माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) के फ्री-टू-एयर (FTA) हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल अनमोल टीवी के पहले ओरिजिनल शो ‘हमारी राधा’ में गिरधर (अक्षय म्हात्रे) शनाया (वैदेही नायर) के करीब आता जा रहा है। वहीं, कभी गिरधर के धोखे से दिल टूटने के बाद अब राधा (सिमरन कौर) ने बदला लेने का फैसला किया है। शनाया को सबक सिखाने के लिए राधा अब उसका सामना कर रही है और गिरधर को वापस पाने की उम्मीद भी रखती है। शो में चल रहे इस ड्रामे के बीच, अभिनेत्री सिमरन कौर ने धनतेरस से जुड़ी अपने बचपन की प्यारी यादें, परिवार की परंपराएँ और इस त्यौहार को अपने लिए खास बनाने वाली बातें साझा कीं।

अपने विचार साझा करते हुए सिमरन कौर कहती हैं, “धनतेरस हमेशा से मेरे लिए बहुत खास रहा है, क्योंकि यह बचपन की कई प्यारी यादें ताजा कर देता है। मुझे याद है कि हर साल मेरे माता-पिता घर के लिए सोना या कोई कीमती चीज खरीदते थे। परिवार की इस छोटी-सी परंपरा से जुड़ा उत्साह और खुशी आज भी मुझे याद है। बचपन से इन जश्नों को देखते हुए इस त्यौहार से मेरा एक खास जुड़ाव बन गया है। आज भी मैं धनतेरस पर कोई न कोई खास चीज जरूर खरीदती हूँ, ताकि परिवार की इस परंपरा को आगे बढ़ा सकूँ।”

अभिनेत्री आगे कहती हैं, “मेरे लिए यह त्यौहार सिर्फ सोना या दूसरी चीजें खरीदने तक सीमित नहीं है। यह अपने घर में माँ लक्ष्मी का स्वागत करने और सुख, खुशहाली व समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का अवसर है। मेरा यह भी मानना है कि प्यार, सुरक्षा और मन की शांति से भरा घर ही असली दौलत है। इस धनतेरस पर मेरी दिल से कामना है कि हर परिवार को आर्थिक स्थिरता मिले, अपने सपने पूरे करने के साधन मिलें और मुस्कुराने के अनगिनत मौके मिलें। सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ!”

देखिए ‘हमारी राधा’ हर रात 9:30 बजे, सिर्फ अनमोल टीवी पर।

- Advertisement -

Featured Article

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।