लोड हो रहा है...

रांची में ‘कैप्टन कूल’ का कटा चालान: ओवरस्पीडिंग के कारण धोनी पर लगा जुर्माना, स्मार्ट कैमरों ने पकड़ा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

रांची. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, जिन्हें दुनिया ‘कैप्टन कूल’ के नाम से जानती है, अपनी रफ्तार के शौक के कारण कानूनी घेरे में आ गए हैं। रांची की सड़कों पर अपनी लग्जरी कार को निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलाने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने उन पर जुर्माना लगाया है।

स्मार्ट कैमरों की नजर से नहीं बच सके ‘माही’

यह कार्रवाई रांची शहर में लगे आधुनिक ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम के जरिए की गई। सूत्रों के अनुसार, शहर के एक मुख्य मार्ग पर धोनी की कार की रफ्तार तय सीमा से अधिक दर्ज की गई।

  • ऑटोमैटिक डिटेक्शन: सड़क पर लगे हाई-टेक कैमरों ने वाहन की गति को ट्रैक किया।

  • ई-चालान: वाहन संख्या के आधार पर धोनी के नाम 1,000 रुपये का ऑनलाइन चालान जारी किया गया।

कानून सबके लिए बराबर

महेंद्र सिंह धोनी अपनी सादगी और नियमों के पालन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा नियम सेलिब्रिटी हो या आम नागरिक, सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।

“ओवरस्पीडिंग सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण है। ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम बिना किसी भेदभाव के नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करता है और चालान जारी करता है।” — यातायात विशेषज्ञ

गाड़ियों के शौकीन हैं धोनी

धोनी के पास रांची वाले घर में बाइक्स और कारों का एक विशाल कलेक्शन है, जिसमें विंटेज से लेकर आधुनिक स्पोर्ट्स कारें शामिल हैं। वे अक्सर फुर्सत के पलों में अपनी गाड़ियों के साथ रांची की सड़कों पर देखे जाते हैं। हालांकि, इस बार उनकी यह राइड उन्हें थोड़ी महंगी पड़ गई।

लिंक टेक्स्ट: झारखंड की ताजा खबरें और खेल जगत के अपडेट्स यहाँ पढ़ें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।