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T20 World Cup 2026: संजू की ‘सुनामी’ में बहा इंग्लैंड, भारत ने फाइनल में मारी एंट्री; अब अहमदाबाद में कीवियों से होगा महामुकाबला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. वानखेड़े के मैदान पर रनों की ऐसी बारिश हुई जिसे क्रिकेट इतिहास सदियों तक याद रखेगा। भारतीय टीम ने गत चैंपियन के अंदाज़ में खेलते हुए इंग्लैंड को 7 रनों से शिकस्त देकर ICC टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब भारत का सामना रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड से होगा।

⚡ संजू सैमसन का ‘संजू-नामी’ तूफान

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने संजू सैमसन की बदौलत स्कोरबोर्ड पर 253/7 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। सैमसन ने महज 42 गेंदों में 89 रन कूटकर इंग्लिश गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। यह टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है।

? इंग्लैंड का करारा जवाब, बेथेल का शतक गया बेकार

254 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भी हार नहीं मानी। जेकब बेथेल (105 रन) ने शानदार शतक जड़कर मैच को अंतिम ओवर तक खींच लिया। ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड चमत्कार कर देगा, लेकिन जसप्रीत बुमराह की ‘यॉर्कर’ और हार्दिक पांड्या के दो महत्वपूर्ण विकेटों ने भारत की जीत पर मुहर लगा दी।

?️ महामुकाबला: भारत बनाम न्यूजीलैंड (अहमदाबाद)

भारत अब अपने खिताब को डिफेंड करने से सिर्फ एक कदम दूर है। फाइनल की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:

  • तारीख: 8 मार्च, 2026 (रविवार)

  • समय: शाम 6:30 बजे से

  • स्थान: नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद

  • दांव पर: लगातार दूसरा टी20 विश्व कप खिताब और वर्ल्ड रिकॉर्ड।

“यह टीम वर्क का नतीजा है। संजू की पारी ने हमें आत्मविश्वास दिया और बुमराह ने दबाव में खुद को साबित किया। अब हमारा लक्ष्य अहमदाबाद में तिरंगा फहराना है।” — भारतीय कप्तान (मैच के बाद)

क्या भारत रचेगा इतिहास?

न्यूजीलैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहले ही फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है। कीवियों का आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के खिलाफ रिकॉर्ड हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है, ऐसे में रविवार का मुकाबला ‘कांटे की टक्कर’ होने वाला है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।