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श्रीगंगानगर में पहचान छिपाकर दुष्कर्म: गुजरात के कच्छ से दबोचा गया आरोपी साजिद अली मंगारिया, जानें BNS की धारा 69 के तहत कार्रवाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

श्रीगंगानगर । रविवार, 5 जुलाई 2026

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से एक हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाने, वास्तविक पहचान छिपाने और शादी का झूठा झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के आरोपी साजिद अली मंगारिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राजस्थान से फरार होकर गुजरात के कच्छ जिले में छिप गया था, जिसे दोनों राज्यों की पुलिस ने एक संयुक्त और तकनीकी ऑपरेशन के बाद धर दबोचा।

फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से शुरू हुआ जालसाजी का खेल

पीड़िता द्वारा श्रीगंगानगर महिला पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी साजिद अली मंगारिया ने इंस्टाग्राम पर अपनी धार्मिक और वास्तविक पहचान छिपाकर एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। उसने युवती से दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। पीड़िता का आरोप है कि साजिद ने लगातार शादी का झूठा वादा किया और इसी झांसे में रखकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए (दुष्कर्म किया)।

जब युवती को आरोपी की असलियत और उसकी असली पहचान का पता चला, तो उसने विरोध किया। मामला बढ़ता देख और कानूनी कार्रवाई के डर से आरोपी साजिद अली मंगारिया राजस्थान छोड़कर गुजरात भाग गया और वहां के सीमावर्ती जिले कच्छ में जाकर भूमिगत हो गया।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीगंगानगर महिला पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

क्या है BNS की धारा 69?

नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता) के अंतर्गत धारा 69 विशेष रूप से उन मामलों से निपटने के लिए बनाई गई है जहां कोई व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर, या शादी, पदोन्नति व नौकरी का झूठा वादा करके किसी महिला की सहमति प्राप्त करता है और शारीरिक संबंध बनाता है। इसे ‘धोखे से बनाए गए शारीरिक संबंध’ की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

राजस्थान और गुजरात पुलिस का बड़ा संयुक्त ऑपरेशन

आरोपी की तलाश के लिए राजस्थान पुलिस ने आधुनिक सर्विलांस तकनीकों का सहारा लिया। जब उसकी लोकेशन गुजरात के बॉर्डर रेंज में ट्रेस हुई, तो तुरंत गुजरात पुलिस से संपर्क साधा गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बॉर्डर रेंज भुज के आईजीपी (IGP) चिराग कोरडिया और पूर्वी कच्छ के एसपी (SP) सागर बागमार ने अंजार पुलिस को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

अंजार के पुलिस इंस्पेक्टर (PI) एच.ए. जडेजा और उनकी टीम ने स्थानीय मुखबिरों और तकनीकी इनपुट की मदद से कच्छ के अंजार क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी साजिद अली मंगारिया को सफलतापूर्वक हिरासत में ले लिया। राजस्थान पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेने और आगे की कानूनी पूछताछ के लिए गुजरात रवाना हो चुकी है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।