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नीरज चोपड़ा की नई पारी: खुद की ‘एथलीट मैनेजमेंट फर्म’ की शुरुआत, उभरते खिलाड़ियों को देंगे सहारा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत के ‘गोल्डन बॉय’ और ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने खेल की दुनिया में एक बड़ा कदम रखा है। नीरज ने अपनी खुद की एथलीट मैनेजमेंट फर्म लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य भारत के उभरते हुए एथलीटों को उनके करियर में पेशेवर मदद और सही मार्गदर्शन प्रदान करना है।

क्यों खास है यह पहल?

आमतौर पर बड़े एथलीट अपने करियर के प्रबंधन के लिए बाहरी एजेंसियों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन नीरज ने खुद इस जिम्मेदारी को उठाने का फैसला किया है। उनकी इस फर्म के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • व्यापक समर्थन: युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, प्रायोजन (Sponsorship) और कानूनी परामर्श में मदद करना।

  • अनुभव का साझाकरण: नीरज के वैश्विक अनुभव का लाभ उठाकर भारतीय एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के लिए तैयार करना।

  • जमीनी स्तर पर बदलाव: भारत में खेल संस्कृति को और अधिक पेशेवर बनाना।

नीरज चोपड़ा का विजन

अपनी इस नई शुरुआत पर बात करते हुए नीरज ने संकेत दिया कि वे चाहते हैं कि आने वाले खिलाड़ियों को उन चुनौतियों का सामना न करना पड़े, जो अक्सर बुनियादी सुविधाओं और प्रबंधन की कमी के कारण भारतीय एथलीटों के सामने आती हैं। यह फर्म न केवल एथलीटों की ब्रांड वैल्यू बढ़ाएगी, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।

“भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस सही दिशा और समर्थन की जरूरत है। मेरी फर्म का लक्ष्य खिलाड़ियों को वह सब कुछ देना है जो उन्हें विश्व स्तर पर चमकने के लिए चाहिए।”

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।