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शेयर बाजार समाचार: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, रिलायंस और ट्रेंट के शेयरों में भारी बिकवाली

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 6 जनवरी, 2026 का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक तनाव और अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं के बीच घरेलू बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार का हाल: मुख्य सूचकांक

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते सतर्कता बरती।

सूचकांक (Index)अंतिम स्तर (Closing Level)गिरावट (Points)प्रतिशत (Change)
BSE Sensex85,063.34-376.280.44%
NSE Nifty 5026,178.70-71.600.27%

प्रमुख गिरावट के कारण

अमेरिकी टैरिफ की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर ऊंचे टैरिफ लगाने की चेतावनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

ऑयल एंड गैस सेक्टर में दबाव: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में 4% से अधिक की गिरावट देखी गई, जिससे बाजार पर भारी दबाव रहा।

FII की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने बाजार की तरलता (Liquidity) पर असर डाला।

वैश्विक तनाव: वेनेजुएला में राजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में अनिश्चितता ने सेंटीमेंट को कमजोर किया।

आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स

टॉप गेनर्स (Nifty 50):

Apollo Hospitals: +3.50%

ICICI Bank: +2.80%

Tata Consumer: +2.78%

HDFC Life: +2.21%

टॉप लूजर्स (Nifty 50):

Trent Ltd: -8.46% (रिटेल सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के डर से भारी गिरावट)

Reliance Industries: -4.30%

ITC: -2.10%

Kotak Mahindra Bank: -1.95%

सेक्टर अपडेट

बैंकिंग और हेल्थकेयर: गिरावट के बावजूद बैंकिंग और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को और अधिक गिरने से बचाया।

आईटी और मेटल: इन सेक्टर्स में मिला-जुला रुख रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप: व्यापक बाजार में भी दबाव रहा, जहाँ मिडकैप इंडेक्स 0.24% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.39% टूटकर बंद हुए।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की नजर तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों और आगामी बजट घोषणाओं पर रहेगी।

अस्वीकरण: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।