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कानपुर मंडी भाव 6 मार्च 2026: गेहूं और दलहन के रेट में भारी तेजी, किसान गदगद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक नगरी कानपुर की अनाज मंडियों में आज भारी हलचल देखने को मिली। नौबस्ता गल्ला मंडी और चकरपुर मंडी में शुक्रवार को अनाज, दलहन और तिलहन की कीमतों में मिला-जुला रुख रहा। जहां एक ओर गेहूं और अरहर के ऊंचे भावों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं आलू की कीमतों में आई गिरावट ने भंडारण करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य संकट और स्थानीय स्तर पर कम आवक के कारण दलहन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं।

गेहूं के भाव में तेजी: ₹2750 प्रति क्विंटल तक पहुंची कीमत

कानपुर की नौबस्ता मंडी में गेहूं की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा गया है। शुक्रवार को गेहूं का न्यूनतम भाव ₹2170 और अधिकतम भाव ₹2750 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मंडी में गेहूं की औसत कीमत ₹2517 के आसपास रही।

व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में होली के त्योहार के चलते मैदे और सूजी की मांग बढ़ेगी, जिससे गेहूं की कीमतों में और भी उछाल आ सकता है। अच्छी गुणवत्ता वाले ‘शरबती’ और ‘लोकवन’ गेहूं की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है।

दलहन बाजार: अरहर और चना ने पकड़ी रफ्तार

कानपुर की मंडियों में दलहन (Pulses) की कीमतों ने सभी को चौंका दिया है। विशेष रूप से अरहर की दाल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है:

  • अरहर (Tur): मंडी में अरहर का भाव ₹7000 से ₹7500 प्रति क्विंटल के बीच रहा। यह इस सीजन का उच्चतम स्तर माना जा रहा है।

  • चना (Gram): चने की कीमतों में भी मजबूती दिखी, जहां भाव ₹5400 से ₹5500 प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि दालों के स्टॉक में कमी और शादियों के सीजन की मांग के कारण थोक कीमतों में यह बढ़त देखने को मिल रही है।

तिलहन और अन्य अनाज: सरसों और मक्का के ताजा रेट

तेलहन बाजार में सरसों की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। कानपुर मंडी में सरसों ₹6200 से ₹6350 प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी। वहीं, मोटे अनाज में मक्का का भाव ₹1800 से ₹1900 के बीच रहा। धान की बात करें तो विभिन्न किस्मों के आधार पर धान ₹1900 से ₹2390 प्रति क्विंटल तक बिका, जिसका औसत भाव ₹2082 रहा।

कानपुर मंडी भाव तालिका: एक नजर में (6 मार्च 2026)

अनाज/जिंसन्यूनतम भाव (₹)अधिकतम भाव (₹)औसत भाव (₹)
गेहूं (Wheat)2,1702,7502,517
अरहर (Pigeon Pea)7,0007,5007,250
चना (Gram)5,4005,5005,450
सरसों (Mustard)6,2006,3506,275
धान (Paddy)1,9002,3902,082
मक्का (Maize)1,8001,9001,850
आलू (Potato)400775587

सब्जी मंडी का हाल: आलू के भावों ने किया निराश

चकरपुर मंडी, जो मुख्य रूप से फल और सब्जियों के लिए जानी जाती है, वहां आलू की भारी आवक के कारण कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। आलू का भाव ₹400 से ₹775 प्रति क्विंटल के बीच रहा। नई फसल की अधिक आवक और कोल्ड स्टोरेज में पुराने स्टॉक की उपलब्धता को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है।

नौबस्ता और चकरपुर मंडी का महत्व

कानपुर की नौबस्ता गल्ला मंडी को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी थोक मंडियों में गिना जाता है। यहाँ से न केवल स्थानीय बल्कि पड़ोसी जिलों जैसे हमीरपुर, फतेहपुर और उन्नाव के किसान भी अपना अनाज बेचने आते हैं। वहीं, चकरपुर मंडी फल-सब्जी के साथ-साथ अनाज के छोटे और मध्यम स्तर के व्यापार के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है।

किसानों और व्यापारियों के लिए सुझाव

मंडी समिति के अधिकारियों और अनुभवी आढ़तियों का कहना है कि कीमतों में अस्थिरता का मुख्य कारण ‘डिमांड और सप्लाई’ का असंतुलन है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मंडी में अपनी फसल लाने से पहले सुबह के समय ताजा भावों की जानकारी जरूर लें। इसके लिए मंडी कार्यालय या विश्वसनीय आढ़तियों से सीधा संपर्क करना सबसे उचित रहता है।

अस्वीकरण: ऊपर दिए गए भाव मंडी में हुई नीलामी और आवक पर आधारित हैं। वास्तविक कीमतों में गुणवत्ता और समय के आधार पर बदलाव संभव है।

यह भी पढ़ें: matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।