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दिल्ली के सत्य निकेतन में 5-मंजिला PG इमारत ढही: 7 लोगों की मौत के बाद न्यायिक हिरासत, MCD अधिकारियों पर गिरी गाज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली । 
नई दिल्ली के छात्र बहुल इलाके सत्य निकेतन (Satya Niketan) में 6 सितंबर 2026 को हुई भीषण इमारत दुर्घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे अनधिकृत निर्माण और अवैध PG (Paying Guest) कारोबार की पोल खोल कर रख दी है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस से सटे इस इलाके में एक 5-मंजिला PG इमारत गिर जाने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें अधिकांश विद्यार्थी थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने ‘Hostel Daze’ नाम से PG चला रहे संचालकों सुधांशु लवनीश और शुभम त्यागी को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

हादसे का घटनाक्रम और शुरुआती जांच

यह घटना 6 सितंबर 2026 को दोपहर लगभग 1:30 बजे की है। रविवार का दिन होने और लगातार बारिश के कारण कई छात्र अपने कमरों में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गड़गड़ाहट की तेज आवाज के साथ पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

दुर्घटना की 3 प्रमुख वजहें:

  1. बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में गैर-कानूनी बदलाव: जांच में पाया गया कि ग्राउंड फ्लोर की रिटेनिंग वॉल (मुख्य सपोर्ट वॉल) को एक दुकान का दायरा बढ़ाने के लिए हटा दिया गया था। इसके साथ ही बेसमेंट में जमा पानी और सीपेज को छुपाने के लिए 3 ट्रक मलबे का भराव किया जा रहा था, जिससे नींव कमजोर हो गई।
  2. क्षमता से अधिक भार (Overloading): यह इमारत 40 से 50 साल पुरानी थी और मूल रूप से केवल दो मंजिलों की अनुमति के लिए बनी थी। लेकिन इस पर बिना सुरक्षा मंजूरी के 5 मंजिलें खड़ी कर दी गई थीं।
  3. सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनदेखी: इमारत के पास न तो कोई फायर NOC था और न ही कोई इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) उपलब्ध था।

प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई

पक्ष / आरोपी की गई कानूनी कार्रवाई / स्थिति
PG संचालक (सुधांशु & शुभम) पूछताछ के बाद कोर्ट द्वारा 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
मकान मालिक (हरिराम गुप्ता व परिवार) 81 वर्षीय हरिराम, पत्नी उर्मिला और बेटा महेश गुप्ता पुलिस/न्यायिक हिरासत में हैं।
लेबर ठेकेदार (सनोज) अनियोजित तरीके से पिलर और दीवारें हटाने के आरोप में गिरफ्तार।
MCD अधिकारी लापरवाही बरतने पर साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित 4 इंजीनियरों को सस्पेंड किया गया।

छात्रों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

सत्य निकेतन, मुखर्जी नगर, करोल बाग और विजय नगर जैसे क्षेत्रों में लाखों छात्र बाहर से आकर पढ़ाई करते हैं। विश्वविद्यालय हॉस्टलों की कमी के कारण ये छात्र निजी PGs पर निर्भर होने के लिए मजबूर हैं। इस हादसे के बाद परिजनों और छात्रों में भय का माहौल है, जिसके कारण कई छात्रों ने आसपास के जर्जर PGs को खाली करना शुरू कर दिया है।

FAQs (सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: सत्य निकेतन PG हादसा कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: यह हादसा 6 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में हुआ था।
Q2: इस हादसे में कुल कितने लोगों की जान गई?
उत्तर: इस दुखद हादसे में 7 लोगों की मृत्यु हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
Q3: पटियाला हाउस कोर्ट ने PG संचालकों पर क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: पटियाला हाउस कोर्ट ने PG संचालक सुधांशु और शुभम त्यागी को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
Q4: इमारत ढहने की मुख्य वजह क्या मानी जा रही है?
उत्तर: बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर गैर-कानूनी तरीके से बिना सपोर्ट के की जा रही खुदाई, रिटेनिंग वॉल को हटाना और पुरानी कमजोर नींव पर 5 मंजिलों का ओवरलोड होना इसकी मुख्य वजहें हैं।
अस्वीकरण: यह लेख हालिया समाचार रिपोर्टों, आधिकारिक जांच बयानों और कोर्ट की कार्यवाहियों के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट और विधिक निर्णय आना अभी बाकी है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।