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ब्लैक सी में तुर्की के मालवाहक जहाज MV Royad Mammadov पर ड्रोन हमला: 3 भारतीय क्रू सुरक्षित, 2 की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

बुखारेस्ट (रोमानिया) ।

ब्लैक सी (Black Sea) के अशांत समुद्री क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा अंतरराष्ट्रीय संकट खड़ा हो गया है। तुर्की के स्वामित्व वाले वाणिज्यिक मालवाहक पोत MV Royad Mammadov पर संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई और अंततः जहाज समुद्र में डूब गया।

इस भयावह घटना में दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं, हालांकि उनमें से एक सदस्य घायल हुआ है और रोमानिया के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

 

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🚢 घटना का घटनाक्रम और जहाज का मार्ग

यह जहाज सेंट किट्स एंड नेविस (St. Kitts and Nevis) के झंडे के तहत पंजीकृत था और तुर्की की एक कंपनी के स्वामित्व में था।

  • कार्गो: पोत पर भारी मात्रा में मकई (Corn) लदी हुई थी।
  • रूट: यह जहाज यूक्रेन के डेन्यूब नदी स्थित इज्मैल (Izmail) बंदरगाह से रवाना होकर इटली के रवेना (Ravenna) बंदरगाह की ओर जा रहा था।
  • हमले का स्थान: यह हमला रोमानिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) में स्फैंटू गेओर्गे (Sfântu Gheorghe) से लगभग 30 समुद्री मील दक्षिण में हुआ।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के अनुसार, नागरिक पोत पर दो रूसी ड्रोन द्वारा हमला किया गया, जिसमें कप्तान की मौत हो गई। हालांकि, रोमानियाई अधिकारियों और रूसी पक्ष की ओर से हमले के सटीक कारण या जिम्मेदार पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि शुरुआती चरणों में नहीं की गई है।

 

भारतीय क्रू सदस्यों की स्थिति और दूतावास का बयान

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रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा करते हुए पुष्टि की कि जहाज पर तीन भारतीय नागरिक मौजूद थे।

“हम रोमानियाई स्थानीय अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। घायल भारतीय क्रू सदस्य का इलाज जारी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।” — भारतीय दूतावास, रोमानिया

रोमानियाई तटरक्षक बल और आपातकालीन बचाव दल (SAR) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचाव हेलीकॉप्टरों की मदद से घायल सदस्यों को एयरलिफ्ट किया और 11 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला।

 

📊 मुख्य विवरण: एक नज़र में

विशेषताविवरण
पोत का नामMV Royad Mammadov (वर्ष 2006 में निर्मित)
पंजीकरण व ध्वजसेंट किट्स एंड नेविस
स्वामित्वतुर्की
प्रस्थान एवं गंतव्यइज्मैल (यूक्रेन) ➔ रवेना (इटली)
भारतीय नागरिक3 (तीनों सुरक्षित, 1 घायल)
हताहत2 मृत, 11 सुरक्षित बचाए गए
वर्तमान स्थितिआग लगने के बाद पोत डूब गया

 

🌊 ब्लैक सी में बढ़ता समुद्री सुरक्षा संकट

रूस-यूक्रेन युद्ध के लगातार बढ़ते तनाव के कारण ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अत्यंत जोखिम भरी हो गई है। ड्रोन हमलों, एंटी-शिप मिसाइलों और बहती समुद्री खदानों (Naval Mines) के खतरे ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जलमार्गों को प्रभावित किया है। इस घटना ने एक बार फिर वैश्विक खाद्य आपूर्ति और सेफ नेविगेशन (Safe Navigation) को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

 

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. MV Royad Mammadov जहाज पर हमला कहाँ हुआ?

उत्तर: यह हमला ब्लैक सी (Black Sea) में रोमानियाई समुद्री क्षेत्र के निकट स्फैंटू गेओर्गे से लगभग 30 समुद्री मील दूर हुआ।

Q2. क्या जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं?

उत्तर: हाँ, भारतीय दूतावास के अनुसार जहाज पर सवार तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। एक घायल भारतीय सदस्य का इलाज रोमानिया में चल रहा है।

Q3. जहाज में क्या लदा हुआ था और वह कहाँ जा रहा था?

उत्तर: जहाज में मकई (Corn) लदी हुई थी और यह यूक्रेन के इज्मैल बंदरगाह से इटली के रवेना बंदरगाह की ओर जा रहा था।

Q4. घटना में कितने लोगों की मौत हुई?

उत्तर: रोमानियाई अधिकारियों के अनुसार घटना में 2 विदेशी नागरिकों की मौत हुई है।

 

⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख उपलब्ध प्राथमिक समाचार रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। घटना से संबंधित तथ्य और जांच के परिणाम स्थानीय प्रशासन एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के आधिकारिक बयानों के अधीन हैं।

 

🔗 सम्बंधित लेख देखें:

भारत कालवृत्त (Bharat Kaalvrutt)

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।