वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पार्टी (रिपब्लिकन) के नेताओं और सांसदों को एक कड़े संदेश में आगाह किया है कि आगामी चुनावों में प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में बहुमत बनाए रखना उनके अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि रिपब्लिकन पार्टी निचले सदन में अपना नियंत्रण खो देती है, तो विपक्षी डेमोक्रेट्स उनके खिलाफ महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया शुरू करने में रत्ती भर भी संकोच नहीं करेंगे।
सत्ता के समीकरण और महाभियोग का डर
ट्रंप ने पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि सदन में बहुमत मिलते ही विपक्षी दल पुराने मामलों को फिर से उछाल सकता है और नई जांच समितियां गठित कर सकता है, जिसका अंतिम लक्ष्य उन्हें पद से हटाना या उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना होगा।
रिपब्लिकन सांसदों के लिए कड़ा संदेश
राष्ट्रपति ने अपनी पार्टी के भीतर गुटबाजी को खत्म करने और एकजुट होकर चुनाव लड़ने पर जोर दिया है। ट्रंप के इस बयान के पीछे मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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विपक्ष की रणनीति: ट्रंप का मानना है कि डेमोक्रेट्स के पास कोई ठोस विधायी एजेंडा नहीं है, इसलिए वे केवल ‘महाभियोग’ को हथियार बनाएंगे।
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चुनावी गंभीरता: उन्होंने सांसदों को चेतावनी दी कि वे किसी भी सीट को हल्के में न लें, क्योंकि एक-एक सीट सदन के नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है।
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कानूनी ढाल: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हाउस में रिपब्लिकन बहुमत न केवल उनके एजेंडे को लागू करने के लिए जरूरी है, बल्कि यह उनके खिलाफ होने वाले “राजनीतिक हमलों” के विरुद्ध एक सुरक्षा कवच की तरह भी है।
डेमोक्रेट्स की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रंप के इस बयान को “डर फैलाने की राजनीति” करार दिया है। उनका कहना है कि वे संविधान के दायरे में रहकर जवाबदेही तय करने का काम करेंगे, न कि किसी व्यक्तिगत द्वेष के आधार पर।
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