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सिंगर बादशाह के नए गाने ‘टटीरी’ पर हरियाणा में भारी बवाल: महिला आयोग का समन और FIR दर्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. बॉलीवुड के मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। उनका नया गाना ‘टटीरी’ (Tatiri) रिलीज होते ही विवादों के केंद्र में आ गया है। हरियाणा के विभिन्न जिलों में गाने के दृश्यों और बोलों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जिसके चलते पुलिस ने कई जगह मामले दर्ज किए हैं।

मुख्य विवाद: स्कूल वर्दी और आपत्तिजनक दृश्य

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गाने के वीडियो में स्कूल की वर्दी पहनी छात्राओं को दिखाते हुए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। लोगों का कहना है कि इस तरह का चित्रण न केवल सामाजिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि इससे युवा पीढ़ी पर भी गलत प्रभाव पड़ेगा। इसी के चलते पंचकूला के साइबर क्राइम थाने, जींद और नरवाना में पुलिस ने शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महिला आयोग सख्त: 13 मार्च को होना होगा पेश

हरियाणा राज्य महिला आयोग ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। ‘नारी तू नारायणी उत्थान समिति’ और ‘शिव आरती इंडिया फाउंडेशन’ की शिकायत पर आयोग ने बादशाह को नोटिस जारी किया है।

  • समन की तारीख: 13 मार्च 2026

  • स्थान: पानीपत

    आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्राओं या महिलाओं को लेकर कोई भी अपमानजनक कंटेंट पाया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा रोडवेज ने भी दर्ज कराया केस

विवाद केवल गानों के बोल तक सीमित नहीं है। हरियाणा रोडवेज (जींद) के महाप्रबंधक ने भी पुलिस को शिकायत दी है। विभाग का आरोप है कि वीडियो में हरियाणा रोडवेज की बसों और सरकारी प्रतीकों का उपयोग बिना किसी आधिकारिक अनुमति के किया गया है, जिससे विभाग की छवि को नुकसान पहुँचा है।

सांस्कृतिक महत्व और लोक आस्था का अपमान?

हरियाणा की लोक संस्कृति में ‘टटिहरी’ (टटीरी) पक्षी का विशेष स्थान है।

धार्मिक संदर्भ: मान्यता है कि महाभारत युद्ध के दौरान स्वयं भगवान कृष्ण ने रणभूमि में टटिहरी के अंडों की रक्षा की थी।

हरियाणा के पारंपरिक लोकगीतों में इसे पवित्र और मनोकामना पूरी करने वाला पक्षी माना जाता है। आलोचकों का कहना है कि बादशाह ने इस पवित्र लोकधुन को ‘रैप’ के जरिए फूहड़ तरीके से पेश कर सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है।

कैथल की लोकगायिका सिमरन जागलान की आवाज

इस गाने में कैथल की उभरती लोकगायिका सिमरन जागलान ने भी आवाज दी है। यह गाना 1 मार्च को रिलीज हुआ था और अब तक यूट्यूब पर इसे लाखों व्यूज मिल चुके हैं, लेकिन विवाद के बाद इसकी लोकप्रियता पर कानूनी साया मंडरा रहा है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन वीडियो की बारीकी से जांच कर रहे हैं। 13 मार्च को महिला आयोग के सामने बादशाह के पक्ष रखने के बाद ही तय होगा कि इस गाने का भविष्य क्या होगा और क्या इसे प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाएगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।