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पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ‘ऐतिहासिक’ उछाल: जनता पर महंगाई का दोहरा वार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की जनता पर एक बार फिर महंगाई की बिजली गिरी है। सरकार ने देर रात पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान किया, जिससे ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी और लंबी कतारें देखी गईं।

प्रमुख आंकड़े और नई कीमतें

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, ईंधन की कीमतों में लगभग 50 से 55 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है।

ईंधन का प्रकारनई कीमत (PKR/लीटर)
पेट्रोल321.17
हाई-स्पीड डीजल335.86

बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण

आर्थिक विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस भारी वृद्धि के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:

  1. वैश्विक बाजार में तेजी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहा इजाफा।

  2. मध्य पूर्व में तनाव: मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर दबाव पड़ा है।

चूंकि पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

ईंधन की कीमतों में इस “छलांग” का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। डीजल की कीमतों में वृद्धि से माल ढुलाई और कृषि लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा परिणाम खाद्य पदार्थों, दूध, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आएगा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे देश में मुद्रास्फीति (Inflation) की दर बेकाबू हो सकती है।

राजनीतिक घमासान

सरकार ने इसे “वैश्विक मजबूरी” करार देते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश की है, लेकिन विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का कहना है कि यह जनता की कमर तोड़ने वाला फैसला है और सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।

बड़ी बात: इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान के प्रमुख शहरों—कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में लोगों के बीच गहरा असंतोष देखा जा रहा है। आम नागरिकों का कहना है कि उनकी आय स्थिर है जबकि खर्चों का बोझ दोगुना होता जा रहा है।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।