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बॉक्स ऑफिस: ‘द केरल स्टोरी 2’ की धीमी शुरुआत के बाद पकड़ी रफ़्तार, 9 दिनों में कमाए ₹28 करोड़

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. बॉक्स ऑफिस पर गंभीर विषयों पर आधारित फिल्मों का दौर जारी है। सुदीप्तो सेन और विपुल अमृतलाल शाह की पिछली ब्लॉकबस्टर के बाद, अब इसकी अगली कड़ी (The Kerala Story 2) भी धीरे-धीरे दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाने में कामयाब हो रही है। हालांकि फिल्म की शुरुआत उम्मीद से थोड़ी धीमी रही, लेकिन दूसरे हफ्ते के अंत तक फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

शानदार रिकवरी और आंकड़े

फिल्म ने रिलीज के पहले दिन सुस्त कारोबार किया था, लेकिन माउथ पब्लिसिटी (लोगों की तारीफ) के चलते शनिवार और रविवार को इसके कलेक्शन में बड़ा उछाल देखा गया।

  • पहले हफ्ते का प्रदर्शन: फिल्म ने अपने पहले सप्ताह में 22.9 करोड़ रुपये का सम्मानजनक आंकड़ा छुआ।

  • 9वें दिन की छलांग: दूसरे शनिवार को फिल्म ने 2.53 करोड़ रुपये बटोरे।

  • कुल कमाई: भारत में फिल्म का अब तक का कुल कलेक्शन 28.18 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म की पटकथा तीन युवतियों—एक स्कॉलर, एक एथलीट और एक डांसर—के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कहानी दिखाती है कि कैसे धोखे से हुई शादियों और जबरन धर्म परिवर्तन के चक्रव्यूह में फंसकर उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। फिल्म सामाजिक दबाव और संवेदनशील मुद्दों को प्रमुखता से उठाती है।

टीम और स्टार कास्ट

निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म का लेखन और निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने किया है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया ने अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया है।

ट्रेड एनालिस्ट का अनुमान: जानकारों का मानना है कि यदि फिल्म दूसरे रविवार को भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती है, तो यह जल्द ही 35-40 करोड़ के क्लब में शामिल हो सकती है।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।