लोड हो रहा है...

लॉरेंस बिश्नोई को दी थी जान से मारने की धमकी, अब दिल्ली पुलिस ने दबोचे पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के 6 शूटर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली । गुरुवार, 7 मई 2026

दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में संगठित अपराध और आतंक के गठजोड़ पर कड़ा प्रहार किया है। पिछले कुछ दिनों से जारी एक सघन अभियान के तहत पुलिस की विभिन्न इकाइयों, विशेषकर स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच, ने सैकड़ों अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस ऑपरेशन ने न केवल स्थानीय गैंगस्टरों बल्कि सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी नेटवर्क को भी बड़ा झटका दिया है।

पाकिस्तानी कनेक्शन और बिश्नोई गैंग को चुनौती

इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी उपलब्धि स्पेशल सेल द्वारा पाकिस्तानी आतंकी और कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के 6 शूटरों की गिरफ्तारी रही। भट्टी, जो पंजाब में हुए कई ग्रेनेड हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है, अब दिल्ली पुलिस की रडार पर है।

हैरानी की बात यह है कि भट्टी ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई को जान से मारने की धमकी दी थी। इन गिरफ्तारियों से दिल्ली में संभावित ‘गैंग वॉर’ का खतरा टल गया है।

क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा ज्योति बाबा गैंग का ‘टिंकू’

पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ज्योति बाबा गैंग के कुख्यात सदस्य राकेश उर्फ टिंकू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • बरामदगी: आरोपी के पास से एक अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक ब्रेटा पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

  • अपराध का तरीका: 32 वर्षीय राकेश नजफगढ़ का रहने वाला है। वह 2018 में तिहाड़ जेल जाने के बाद अपराध की दुनिया में गहराई से उतर गया। वह हत्या, लूट और अवैध हथियार रखने जैसे कई संगीन मामलों में वांछित था।

  • कैसे हुई गिरफ्तारी: इंस्पेक्टर पंकज ठाकरण के नेतृत्व वाली टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना पर जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे दबोच लिया।

हथियारों का जखीरा और भविष्य की रणनीति

इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने सैकड़ों की संख्या में अवैध हथियार बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गैंगस्टरों के आर्थिक स्रोतों और उनके विदेशी संपर्कों को भी ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।