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पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलते ही ‘द बंगाल फाइल्स’ की घर वापसी: इस शुक्रवार से कोलकाता के सिनेमाघरों में मचेगा शोर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकाता | गुरुवार, 8 मई 2026  

पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में आई सुनामी का असर अब राज्य के मनोरंजन जगत पर भी दिखने लगा है। पिछले साल सितंबर 2025 में जब विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ देशभर में रिलीज हुई थी, तब बंगाल के दर्शकों को इससे महरूम रखा गया था। लेकिन अब, जब राज्य में तृणमूल कांग्रेस की विदाई हो चुकी है और भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने की ओर अग्रसर है, यह फिल्म आधिकारिक रूप से कोलकाता में दस्तक दे रही है।

ममता सरकार पर ‘अघोषित प्रतिबंध’ का आरोप

फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री रहते हुए ममता बनर्जी ने उनकी फिल्म को राज्य में बैन कर दिया था। अग्निहोत्री का दावा है कि न केवल फिल्म, बल्कि इसके ट्रेलर लॉन्च को भी पुलिस प्रशासन के जरिए रोका गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दर्जनों FIR की गईं और उन्हें राज्य में आने से रोकने की कोशिश की गई।

सिनेमा मालिकों का बड़ा फैसला

कोलकाता के प्रतिष्ठित प्रिया सिनेमास के मालिक अरिजीत दत्ता ने फिल्म को इस शुक्रवार (9 मई 2026) से रिलीज करने का फैसला किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा:

“एक सेंसर से पास फिल्म को सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी के आदेश (डिक्टैट) की वजह से बंगाल में रिलीज नहीं होने दिया गया। जबकि पूरे भारत ने इसे देखा, बंगाल के दर्शकों में इसे लेकर काफी जिज्ञासा थी।”

डिस्ट्रिब्यूटर सतदीप साहा ने स्पष्ट किया है कि वे केवल कोलकाता ही नहीं, बल्कि समूचे बंगाल के थिएटर्स की लिस्ट तैयार कर रहे हैं ताकि इस फिल्म को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का सफर

35 से 50 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन काफी ठंडा रहा था।

  • वर्ल्डवाइड कलेक्शन: लगभग ₹23.44 करोड़।

  • कलाकार: मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी, अनुपम खेर, दर्शन कुमार, सिमृत कौर रंधावा और नमाशी चक्रवर्ती।

  • विषय: फिल्म चुनावी हिंसा और ऐतिहासिक राजनीतिक संघर्षों पर आधारित है, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था।

क्या बंगाल में बदलेगा फिल्म का भविष्य?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अब जब राज्य में ‘पोरिवोर्तन’ (परिवर्तन) हो गया है, तो इस फिल्म को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ सकती है। बीजेपी की जीत ने फिल्म के मेकर्स को एक नया हौसला दिया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।