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एक्सिस बैंक ने ‘ARISE Homecoming’ (अराइज़ होमकमिंग) लॉन्च किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इसका उद्देश्य विदेशों में पढ़े-लिखे भारतीय टैलेंट को भारत में अवसरों से जोड़ना है

यह हायरिंग पहल विदेशों में रह रहे भारतीय छात्रों और शुरुआती करियर वाले प्रोफेशनल्स के लिए भारत में अपना करियर बनाने का एक खास रास्ता बनाती है

मुंबई, सितंबर 2026 : भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने ‘ARISE Homecoming’ (अराइज़ होमकमिंग) पहल शुरू की है। यह पहल उन भारतीय टैलेंट के लिए है, जिन्होंने विदेश में पढ़ाई की है और जो भारत में करियर के मौके तलाश रहे हैं।

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यह प्रोग्राम उन भारतीय छात्रों के लिए है, जो विदेश की यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर रहे हैं या जिन्होंने हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी की है और साथ ही उन प्रोफेशनल्स के लिए भी है, जिनके पास दो साल तक का इंटरनेशनल वर्क एक्सपीरियंस है। एक्सिस बैंक की हायरिंग पॉलिसी को भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ाते हुए यह प्रोग्राम अलग-अलग डिग्री, विषयों और संस्थानों के कैंडिडेट्स का स्वागत करता है, जिसमें स्किल्स, क्षमता और रोल के लिए उपयुक्तता पर खास ज़ोर दिया जाता है।

साल 2025 में लगभग 12.54 लाख भारतीय छात्र विदेशों में उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ रहे थे। ये छात्र ग्लोबल अनुभव और अलग-अलग नजरिए वाले टैलेंट का एक बड़ा समूह हैं। जैसे-जैसे भारत तेजी से बढ़ते बाजार के तौर पर उभर रहा है, यह प्रोग्राम इस टैलेंट को देश में आर्थिक और औद्योगिक बदलाव के अगले चरण में हिस्सा लेने का मौका देता है।

इस लॉन्च पर एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड- ह्यूमन रिसोर्स, राजकमल वेम्पति ने कहा, “आज करियर का आकार मुख्य रूप से पसंद, उद्देश्य और असर डालने के मौकों से तय होता है। अराइज़ होमकमिंग के जरिए हम विदेश में शिक्षा पाने वाले भारतीय टैलेंट के लिए एक्सिस बैंक में संतोषजनक करियर बनाने का रास्ता बना रहे हैं। जैसे-जैसे बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस में बदलाव हो रहा है, यह टैलेंट इंडस्ट्री के साथ-साथ सीख सकता है, नेतृत्व कर सकता है और आगे बढ़ सकता है।”

अराइज़ होमकमिंग उम्मीदवारों को बैंक की जरूरतों के आधार पर बिजनेस, टेक्नोलॉजी, डिजिटल, स्ट्रैटेजी, वेल्थ, गवर्नेंस और अन्य क्षेत्रों में अवसरों को जानने और उन पर विचार करने का मौका देगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।