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अनमोल टीवी के हमारी राधा के अभिनेता अक्षय म्हात्रे ने बताया कि क्यों पत्नी श्रेनु के साथ उनकी पहली दिवाली रहेगी हमेशा खास!

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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उत्तर प्रदेश, नवम्बर, 2026: दिवाली भारतीय संस्कृति का एक बेहद महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व 14 वर्षों के वनवास के बाद भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। साथ ही, यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है। ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) के फ्री-टू-एयर (एफटीए) हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल अनमोल टीवी का पहला ओरिजिनल फिक्शन शो हमारी राधा, इन दिनों दर्शकों को रिश्तों के उतार-चढ़ाव से रूबरू करा रहा है। शो में गिरधर (अक्षय म्हात्रे) शनाया (वैदेही नायर) के करीब आता जा रहा है। वहीं, कभी गिरधर के धोखे से आहत हुई उसकी पत्नी राधा (सिमरन कौर) ने अब हार न मानने और अपने हक के लिए लड़ने का फैसला किया है। राधा अपनी शादी को बचाने की लगातार कोशिश कर रही है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या इस दिवाली गिरधर को राधा की कोशिशों का एहसास होगा? क्या उसका दिल बदलेगा और वह फिर से राधा के पास लौट आएगा? शो में गिरधर की दिवाली कैसी होगी, यह तो अभी साफ नहीं है। लेकिन इसी बीच अभिनेता अक्षय म्हात्रे पुरानी यादों में लौटते हुए अपने परिवार की दिवाली से जुड़ी परंपराओं के बारे में बात करते हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि पत्नी श्रेनु के साथ मनाई गई उनकी पहली दिवाली उनके लिए इतनी खास क्यों है?

अपनी यादें साझा करते हुए अक्षय म्हात्रे कहते हैं, “दिवाली हमेशा से ही मेरे परिवार के लिए एक खास त्योहार रहा है। हम इसे पारंपरिक महाराष्ट्रीयन रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं। इस त्योहार की मेरी सबसे पसंदीदा परंपराओं में से एक है अभ्यंग स्नान। इसमें हम सुबह जल्दी उठते हैं, शरीर पर उटना लगाते हैं और फिर पारंपरिक तरीके से स्नान करते हैं। इसके बाद फराल की परंपरा होती है, जिसमें पूरा परिवार एक साथ बैठकर मेरी मां के हाथों से बने दिवाली के खास पकवानों का आनंद लेता है। इस दौरान रिश्तेदार भी हमसे मिलने और त्योहार की खुशियां बांटने आते हैं। दिवाली की एक याद मेरे दिल के बेहद करीब है, जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। यह जयपुर में श्रेनु के साथ मनाई गई मेरी पहली दिवाली थी। उस समय हम दोनों शूटिंग के सिलसिले में अपने परिवारों से दूर थे। यह पहला मौका था जब मैं अपने परिवार के बिना दिवाली मना रहा था। दिलचस्प बात यह है कि उस समय तक हमारी डेटिंग भी शुरू नहीं हुई थी। यही वजह है कि यह याद हम दोनों के लिए और भी खास है। उस दिन मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा परिवार मेरे साथ ही है। ऐसे ही कुछ पल त्योहारों को जिंदगीभर के लिए यादगार बना देते हैं।”

देखना न भूलें हमारी राधा हर दिन रात 9:30 बजे सिर्फ अनमोल टीवी पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।