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स्पेस-टेक क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग: IIT मद्रास के स्टार्टअप GalaxEye को OptoSAR तकनीक के लिए मिला US Patent

Saransh Kanaujia
4 Min Read
नई दिल्ली । 
भारतीय प्राइवेट स्पेस-टेक स्पेस में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। IIT मद्रास से निकले स्पेस-टेक स्टार्टअप GalaxEye ने अपनी स्वदेशी OptoSAR (Optical + SAR) Satellite Imaging Technology के लिए यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस (USPTO) से पेटेंट हासिल कर लिया है। इसके साथ ही GalaxEye सैटेलाइट इमेजिंग तकनीक के क्षेत्र में अमेरिकी पेटेंट हासिल करने वाला पहला भारतीय स्टार्टअप बन गया है।

क्या है OptoSAR तकनीक और यह क्यों है इतनी खास?

पारंपरिक अर्थ ऑब्जर्वेशन (Earth Observation) प्रणालियों में दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग किया जाता है:
  1. Optical Imaging: यह सामान्य कैमरे की तरह काम करती है, जो बेहद स्पष्ट और रंगीन तस्वीरें देती है, लेकिन रात के अंधेरे या घने बादलों के दौरान यह बेअसर हो जाती है।
  2. Synthetic Aperture Radar (SAR): यह रडार तरंगों का उपयोग करती है, जो घने बादलों, कोहरे और रात के अंधेरे में भी पृथ्वी की सतह को देखने में सक्षम है, लेकिन इसमें ऑप्टिकल इमेज जैसी दृश्य स्पष्टता (Visual Detail) नहीं होती।
GalaxEye का क्रांतिकारी नवाचार:
GalaxEye की पेटेंटेड OptoSAR तकनीक इन दोनों सेंसरों को हार्डवेयर और सिंक-सिस्टम स्तर पर एक ही सैटेलाइट प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करती है। इससे दोनों सेंसर एक ही स्थान और एक ही समय (Spatially & Temporally Aligned) पर एक साथ डेटा एकत्र करते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि उपयोगकर्ताओं को सर्व-मौसम (All-Weather, Day-Night) उच्च गुणवत्ता वाला डेटा एक ही इमेज फ्रेम में मिल जाता है।

किन क्षेत्रों में क्रांति लाएगी यह तकनीक?

  • रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा: सीमावर्ती क्षेत्रों, बादलों से ढके इलाकों और रात के समय दुश्मनों की गतिविधियों पर सटीक और रीयल-टाइम निगरानी।
  • कृषि और फसल निगरानी: मौसम की परवाह किए बिना फसलों के स्वास्थ्य, नमी के स्तर और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव का समय पर आकलन।
  • मैरीटाइम इंटेलिजेंस: महासागरों में जहाजों की ट्रैकिंग, अवैध गतिविधियों पर नजर और तटीय सुरक्षा।
  • आपदा प्रबंधन: बाढ़, चक्रवात या भूस्खलन जैसी स्थितियों में बादलों के पार देखकर सटीक राहत कार्य चलाना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंश्योरेंस: निर्माण कार्यों की प्रगति और प्राकृतिक दावों की त्वरित पुष्टि के लिए विश्वसनीय डेटा।

भविष्य का रोडमैप: 30 सैटेलाइट्स का तारामंडल

कंपनी ने 2026 में अपना पहला कमर्शियल उपग्रह ‘Drishti’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जो भारत का सबसे बड़ा निजी अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट बना। इस नई सफलता के साथ, GalaxEye का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 30 उपग्रहों की एक Constellation (तारामंडल) अंतरिक्ष में स्थापित करना है। इससे पूरी दुनिया में रीयल-टाइम और हाई-फ्रीक्वेंसी अर्थ ऑब्जर्वेशन डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. GalaxEye की OptoSAR तकनीक क्या है?
Ans: यह एक ऐसी पेटेंटेड तकनीक है जो Optical सेंसर और Synthetic Aperture Radar (SAR) को एक ही सैटेलाइट में जोड़कर एक साथ, एक ही समय पर मौसम और लाइट की परवाह किए बिना सटीक तस्वीरें (Imaging) लेती है।
Q2. US Patent मिलने से GalaxEye को क्या फायदा होगा?
Ans: अमेरिकी पेटेंट मिलने से GalaxEye की इस तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्धिक संपदा सुरक्षा मिलेगी, जिससे कंपनी वैश्विक अर्थ ऑब्जर्वेशन मार्केट में अपनी तकनीक को व्यावसायिक रूप से प्रस्तुत कर सकेगी।
Q3. OptoSAR तकनीक साधारण सैटेलाइट इमेजिंग से अलग कैसे है?
Ans: साधारण सैटेलाइट या तो केवल दिन में स्पष्ट फोटो (Optical) ले सकते हैं या बिना रंग के रडार डेटा (SAR) देते हैं। OptoSAR दोनों तकनीकों के डेटा को एक साथ मिलाकर एक ही क्लिक में ऑल-वेदर और हाई-डिटेल डेटा देता है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक बयानों और रिपोर्टों के आधार पर केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है।

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