बुधवार, सितंबर 09 2026 | 06:32:20 PM

दिल्ली विधानसभा: प्रदूषण और अपमानित वीडियो पर भारी हंगामा, AAP विधायक संजीव झा मार्शल आउट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पाँचवाँ और अंतिम दिन आज भारी हंगामे और शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दलों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप AAP विधायक संजीव झा को मार्शल आउट कर पूरे दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।

हंगामे की मुख्य वजह

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही ‘आप’ विधायकों ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के गंभीर मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग शुरू कर दी। विधायक संजीव झा ने मोर्चा संभालते हुए भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि भाजपा नेता उस विवादित वीडियो को सोशल मीडिया से तुरंत हटाएँ, जिससे गुरु तेग बहादुर जी का अपमान होने का दावा किया जा रहा है।

अध्यक्ष की कार्रवाई और मार्शल आउट

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विधायकों को शांत कराने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि अन्य आवश्यक विधायी कार्यों के निपटारे के बाद प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, संजीव झा अपनी मांग पर अड़े रहे और लगातार सदन के बीचों-बीच आकर व्यवधान डालते रहे। तीखी बहस और बढ़ते हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष ने उन्हें मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकालने (मार्शल आउट) और पूरे दिन के लिए निलंबित करने का आदेश दिया।

संजीव झा के अलावा, सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में ‘आप’ विधायक कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को भी मार्शल आउट किया गया।

सत्र की शुरुआत से ही जारी है तनातनी

गौरतलब है कि इस शीतकालीन सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बना हुआ है। इससे पहले, सत्र के पहले दिन यानी 5 जनवरी 2026 को भी उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान व्यवधान डालने के कारण संजीव झा सहित चार विधायकों को तीन दिनों के लिए निलंबित किया गया था।

आज सत्र का आखिरी दिन होने के कारण प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की उम्मीद थी, लेकिन हंगामे ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।