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कानपुर: जरौली में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन, RSS ने दिया ‘पंच परिवर्तन’ का मंत्र

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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सम्मेलन को संबोधित करते RSS भाग धर्म जागरण संयोजक आलोक जी।

कानपुर. जरौली स्थित बजरंग शाखा में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भाग धर्म जागरण संयोजक आलोक जी ने सनातन धर्म की महत्ता और राष्ट्रभक्ति पर कड़ा जोर दिया।

सनातन ही एकमात्र धर्म, बाकी सब पंथ

सम्मेलन को संबोधित करते हुए आलोक जी ने कहा, “पूरे विश्व में केवल सनातन यानी हिंदू ही एकमात्र धर्म है, शेष सभी पंथ या मजहब हैं। ईसा और मूसा भी मूलतः सनातन धर्म से ही जुड़े थे, जिन्होंने कालांतर में अपने मतों के अनुसार अलग मजहब बना लिए।” उन्होंने आगे कहा कि भारत हमारे लिए केवल एक भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि मातृस्वरूपा है और संघ की शाखाओं से निकले स्वयंसेवक देश की रक्षा के लिए मर मिटने को सदैव तैयार रहते हैं।

कानपुर जरौली में विराट हिंदू सम्मेलन के दौरान उपस्थित जनसमूह और RSS पदाधिकारी।

पंच परिवर्तन और सामाजिक एकता का आह्वान

मुख्य वक्ता ने जानकारी दी कि संघ द्वारा देश भर में एक लाख से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज में ‘पंच परिवर्तन’ (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य) के विचार को पहुंचाना है।

काली मंदिर के महंत रामानंद ने उपस्थित जनसमूह से जाति-पाति के भेदभाव को त्याग कर एकता के सूत्र में बंधने की अपील की। वहीं, श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने नारी शक्ति पर विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं के लिए हर दिन ‘वुमन्स डे’ है। उन्होंने जोर दिया कि जब महिला सशक्त होगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा।

कार्यक्रम की रूपरेखा

सम्मेलन की अध्यक्षता उदित नारायण शर्मा ने की और मंच का सफल संचालन नरेश उमराव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से भारत माता की आरती की, जिसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

प्रमुख उपस्थित जन:

इस अवसर पर नगर कार्यवाह विमल सिंह परिहार, संघचालक विवेक सचान, प्रांत सद्भाव प्रमुख वीरेंद्र मिश्र, विमल द्विवेदी, प्रदीप त्रिवेदी, योगेंद्र सचान, जैनेन्द्र सचान, सुनील शर्मा, अनिल, गंगाराम, मणिकान्त, राकेश और संतोष सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

 matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।