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मानसून की विदाई के बीच मौसम का बदला मिजाज: यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

नई दिल्ली।

देश के अधिकांश हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक वापसी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि, मानसून के ढलान पर होने के बावजूद देश के विभिन्न राज्यों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश सहित कई उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारतीय राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

 

कानपुर में मौसम रहेगा मुख्यतः साफ, तापमान में आएगी हल्की गिरावट

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औद्योगिक नगरी कानपुर में 8 अक्टूबर को दर्ज की गई छिटपुट बारिश के बाद मौसम के मिजाज में सुधार देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अक्टूबर से शहर का मौसम अपेक्षाकृत साफ और शुष्क रहेगा।

  • अधिकतम तापमान: लगभग 34°C रहने का अनुमान है।
  • न्यूनतम तापमान: लगभग 23°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
  • 10 से 14 अक्टूबर का हाल: इस अवधि के दौरान कानपुर में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। दिन में हल्की धूप खिली रहेगी, लेकिन सुबह और देर रात के समय तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो सकता है।

 

उत्तर प्रदेश के जिलों में मिश्रित मौसम: कहां होगी बारिश?

उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम का मिजाज एक समान नहीं रहने वाला है। राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।

  • बारिश से प्रभावित होने वाले संभावित जिले: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर और चंदौली।
  • शुष्क मौसम वाले शहर: कानपुर, लखनऊ, आगरा, नोएडा और वाराणसी में मौसम के मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
  • अवधि: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर तक बारिश की छिटपुट गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

 

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दक्षिण भारत में मंडरा रहा निम्न दबाव का क्षेत्र: बढ़ सकती है बारिश

दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर जोर पकड़ सकता है। केरल, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 13 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के दक्षिण–पूर्वी हिस्से में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) बनने की संभावना है। यह मौसमी प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर रुख कर सकती है। इसके प्रभाव से तटीय व आंतरिक दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है।

 

उत्तराखंड, बिहार और पूर्वी भारत का हाल

मौसम प्रणालियों के असर से देश के अन्य राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा:

  1. उत्तराखंड: पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बारिश और बादलों की गर्जना हो सकती है।
  2. पूर्वी भारत: बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
  3. उत्तर–पश्चिम भारत: दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।
  4. पूर्वोत्तर भारत: पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

 

निष्कर्ष और सलाह

अक्टूबर के इस दौर में एक तरफ जहां मानसून वापस लौट रहा है, वहीं बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए वेदर सिस्टम मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। यद्यपि कानपुर और मध्य उत्तर प्रदेश में किसी बड़े मौसमी उलटफेर की आशंका नहीं है, फिर भी स्थानीय स्तर पर अचानक बदलने वाले मौसम और गरज-चमक को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को IMD के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. क्या कानपुर में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश होगी?

उत्तर: नहीं, कानपुर में 9 से 14 अक्टूबर के बीच मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। केवल सुबह और रात के समय तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।

Q2. उत्तर प्रदेश में मानसून कब तक पूरी तरह विदा होगा?

उत्तर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर तक छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना है, जिसके बाद पूरे राज्य से मानसून की विदाई की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

Q3. 13 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र का क्या प्रभाव होगा?

उत्तर: इस निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की संभावना बढ़ सकती है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमानों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मौसम की स्थितियों में स्थानीय कारकों के आधार पर तात्कालिक बदलाव संभव हैं। नवीनतम और सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक मौसम बुलेटिन का संदर्भ लें।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।