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कानपुर सर्राफा बाजार: सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी स्थिर; जानें आज का 22 और 24 कैरेट का भाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

कानपुर. उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर के सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों में कल के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक हालात के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। जहाँ एक ओर सोने के भाव में कुछ नरमी आई है, वहीं चांदी के भाव फिलहाल ऊंचे स्तरों पर स्थिर बने हुए हैं।

सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत संकेतों का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है। आइए जानते हैं आज कानपुर में सोने और चांदी के विस्तृत दाम।

सोने का आज का भाव: शुद्धता के अनुसार दरें

कानपुर के स्थानीय बाजार में आज विभिन्न कैरेट के सोने की कीमतें नीचे दी गई हैं। निवेशकों और खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी से पहले हॉलमार्किंग और मेकिंग चार्जेस की पुष्टि जरूर कर लें।

1. 24 कैरेट (99.9% शुद्ध सोना)

इसे सबसे शुद्ध सोना माना जाता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से निवेश के लिए सिक्कों या बिस्कुट के रूप में किया जाता है।

  • प्रति ग्राम: ₹15,875

  • प्रति 10 ग्राम: ₹1,58,750

  • प्रति 100 ग्राम: ₹15,87,500

2. 22 कैरेट (जेवराती सोना)

गहने बनाने के लिए सबसे ज्यादा इसी सोने का उपयोग होता है क्योंकि इसमें मजबूती के लिए अन्य धातुओं का मिश्रण किया जाता है।

  • प्रति ग्राम: ₹15,180

  • प्रति 10 ग्राम: ₹1,51,800

3. 18 कैरेट सोना

हीरे और अन्य कीमती पत्थरों से जड़े गहनों के लिए 18 कैरेट सोना लोकप्रिय है।

  • प्रति 10 ग्राम (अनुमानित): ₹1,13,850

चांदी का ताजा रेट: औद्योगिक मांग का असर

चांदी की कीमतों में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों के मुकाबले कीमतें अभी भी ऐतिहासिक उच्च स्तर के करीब हैं।

मात्राआज का भाव (कानपुर)
1 ग्राम₹285
10 ग्राम₹2,850
100 ग्राम₹28,500
1 किलोग्राम₹2,85,000

सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि सौर ऊर्जा पैनलों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण इसकी कीमतें आने वाले समय में फिर से तेजी पकड़ सकती हैं।

कीमतों में गिरावट और उतार-चढ़ाव के 3 मुख्य कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में मौजूदा हलचल के पीछे निम्नलिखित कारक जिम्मेदार हैं:

  1. वैश्विक राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया और यूक्रेन संकट के कारण निवेशक ‘सेफ हेवन’ (Safe Haven) के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, जब भी तनाव में थोड़ी कमी के संकेत मिलते हैं, निवेशक मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर देते हैं, जिससे कीमतें नीचे आती हैं।

  2. डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरें: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वहां की ब्याज दरों में बदलाव की संभावनाओं का सीधा असर पीली धातु पर पड़ता है। डॉलर मजबूत होने पर भारत जैसे देशों में सोना महंगा हो जाता है।

  3. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (जैसे RBI) अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

खरीदारी से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान

यदि आप कानपुर के बिरहाना रोड या चौक बाजार जैसे प्रमुख सर्राफा केंद्रों से खरीदारी करने जा रहे हैं, तो इन बातों को न भूलें:

  • GST: ऊपर दिए गए भावों में 3% GST शामिल नहीं है। यह फाइनल बिल में अलग से जोड़ा जाएगा।

  • मेकिंग चार्जेस: गहनों की डिजाइन के आधार पर सुनार 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज ले सकते हैं। इस पर मोलभाव (Bargaining) की गुंजाइश हमेशा रहती है।

  • HUID हॉलमार्किंग: अब सभी सोने के गहनों पर 6 अंकों का HUID नंबर अनिवार्य है। यह आपकी शुद्धता की गारंटी है।

  • बाय-बैक पॉलिसी: खरीदारी के समय ही ज्वेलर्स से उनकी बाय-बैक पॉलिसी (वापस बेचने पर मिलने वाली कीमत) के बारे में लिखित में जानकारी लें।

  • डिजिटल गोल्ड विकल्प: यदि आप केवल निवेश के लिए सोना चाहते हैं, तो गोल्ड बॉन्ड (SGB) या गोल्ड ETF बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जिनमें मेकिंग चार्ज का झंझट नहीं होता।

बाजार का अनुमान: जानकारों का मानना है कि शादी-ब्याह के सीजन की शुरुआत के साथ ही मांग में फिर से तेजी आएगी, जिससे कीमतों में उछाल की संभावना बनी हुई है। इसलिए, गिरावट के समय खरीदारी करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।

बिजनेस और मार्केट अपडेट: matribhumisamachar.com/category/business/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।