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ईरान में महासंकट: नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हमले में घायल, अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान में हड़कंप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

तेहरान. मध्य-पूर्व (Middle East) इस समय इतिहास के सबसे भीषण सैन्य और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की एक इजरायली हमले में मौत के बाद, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था। लेकिन अब चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं कि पदभार संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर मोजतबा खामेनेई भी एक घातक हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

पदभार संभालते ही मोजतबा खामेनेई पर हमला

अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों और मीडिया दावों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई पर यह हमला उस समय हुआ जब वह तेहरान में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इजरायल द्वारा किए गए इस ‘सर्जिकल एयरस्ट्राइक’ ने ईरान के सामरिक मुख्यालय को निशाना बनाया।

हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने अभी तक चोट की गंभीरता पर कोई आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया है, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों में उन्हें “जानबाज़-ए-रमजान” (घायल योद्धा) कहकर संबोधित किया जा रहा है, जो उनके घायल होने की पुष्टि की ओर इशारा करता है।

अली खामेनेई की मौत और सत्ता का हस्तांतरण

ईरान में यह संकट तब शुरू हुआ जब 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन “रोरिंग लायन” (Roaring Lion) में अली खामेनेई की मौत हो गई। इस हमले ने ईरान के दशकों पुराने नेतृत्व को हिलाकर रख दिया। सत्ता के शून्य को भरने के लिए आनन-फानन में मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया, लेकिन इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका अभियान रुकने वाला नहीं है।

मध्य-पूर्व में युद्ध के बादल: प्रमुख बिंदु

  • रणनीतिक ठिकानों पर हमला: इजरायल ने ईरान के परमाणु केंद्रों, मिसाइल डिपो और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के ठिकानों पर बमबारी तेज कर दी है।

  • ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरान ने भी ‘ऑपरेशन खैबर’ के तहत इजरायल के तेल अवीव और हाइफा शहरों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर: इस संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका है।

क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की आहट है?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व (Top Leadership) को निशाना बनाना इजरायल की एक सोची-समझी रणनीति है ताकि ईरान की निर्णय लेने की क्षमता को पंगु बनाया जा सके।

“ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के दौरान हुआ यह हमला न केवल सैन्य बल्कि एक मनोवैज्ञानिक युद्ध भी है। अगर मोजतबा खामेनेई की स्थिति बिगड़ती है, तो ईरान में गृहयुद्ध या तख्तापलट जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।” – विदेशी मामलों के विश्लेषक

दुनिया की नजर तेहरान पर

वर्तमान में तेहरान के अस्पतालों और सुरक्षा केंद्रों के बाहर भारी सेना तैनात है। अमेरिका और रूस जैसे बड़े देश भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। रूस ने जहां ईरान के समर्थन में बयान जारी किया है, वहीं अमेरिका ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है।

निष्कर्ष: मोजतबा खामेनेई का घायल होना ईरान के प्रतिरोध की कमर तोड़ सकता है या फिर यह पूरे क्षेत्र को एक कभी न खत्म होने वाली जंग में धकेल सकता है।

matribhumisamachar.com/world-news

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।