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T20 World Cup 2026: जीत के जश्न के बीच अर्शदीप सिंह पर ICC की गाज, लगा भारी जुर्माना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अहमदाबाद. भारत की टी20 विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि टीम के स्टार तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के लिए एक बुरी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अनुशासनहीनता के मामले में अर्शदीप पर कार्रवाई करते हुए उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है।

यह घटना 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले के दौरान हुई।

क्या थी पूरी घटना?

न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर के दौरान मैदान पर माहौल गरमा गया। कीवी बल्लेबाज डैरिल मिचेल ने अर्शदीप की गेंदों पर लगातार दो गगनचुंबी छक्के जड़े थे। दबाव में आए अर्शदीप ने अगली ही गेंद पर मिचेल द्वारा सीधे शॉट खेलने के बाद गेंद को आक्रामक तरीके से बल्लेबाज की ओर फेंक दिया। गेंद सीधे मिचेल के कंधे पर जा लगी, जिससे वह काफी नाराज नजर आए।

स्थिति को बिगड़ते देख कप्तान सूर्यकुमार यादव और अंपायरों को बीच-बचाव करना पड़ा। हालांकि, अर्शदीप ने ओवर खत्म होने के बाद और मैच के समापन पर भी मिचेल से निजी तौर पर माफी मांग ली थी।

ICC की सख्त कार्रवाई

आईसीसी ने अर्शदीप को खिलाड़ियों के लिए बनी आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 के उल्लंघन का दोषी पाया। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर ‘खतरनाक या अनुचित’ तरीके से गेंद फेंकने से संबंधित है।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

  • आर्थिक दंड: मैच फीस में 15% की कटौती।

  • डिमेरिट अंक: अर्शदीप के रिकॉर्ड में 1 डिमेरिट अंक जोड़ा गया है।

  • कुल अंक: वर्तमान में अर्शदीप के खाते में अब कुल 2 डिमेरिट अंक हो गए हैं।

नोट: ICC के नियमों के अनुसार, यदि किसी खिलाड़ी के 24 महीनों के भीतर 4 डिमेरिट अंक हो जाते हैं, तो उसे एक टेस्ट या दो सीमित ओवरों के मैचों से प्रतिबंधित कर दिया जाता है।

ऐतिहासिक जीत पर नहीं पड़ा असर

भले ही अर्शदीप पर यह कार्रवाई हुई हो, लेकिन मैच में उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर दूसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।