मुंबई ।
भारतीय शेयर बाजार के नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक अहम घटनाक्रम में अमेरिकी दिग्गज वित्तीय सेवा कंपनी JPMorgan Chase की मॉरीशस स्थित एफपीआई (FPI) इकाई Copthall Mauritius Investment Ltd पर लगाया गया व्यापक ट्रेडिंग बैन (Broad Trading Ban) हटा दिया है।
हालांकि, नियामक ने यह स्पष्ट किया है कि Closing Auction Session (CAS) में Copthall की भागीदारी पर रोक अभी भी बदस्तूर जारी रहेगी और बाजार में कथित हेरफेर (Market Manipulation) की चल रही विस्तृत जांच पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला? 13 अगस्त का वो घटनाक्रम
SEBI ने अगस्त 2026 में Copthall Mauritius और मुंबई स्थित Mansi Share & Stock Broking के खिलाफ कड़ा अंतरिम आदेश (Interim Order) पारित किया था।
13 अगस्त 2026 को BSE Sensex की साप्ताहिक डेरिवेटिव्स (F&O) एक्सपायरी थी। आरोप है कि उस दिन नए लागू हुए Closing Auction Session (CAS) के दौरान दोनों संस्थाओं द्वारा ऐसे आक्रामक ऑर्डर लगाए गए, जिससे सेंसेक्स का Indicative Equilibrium Price (IEP) कुछ ही सेकंडों में तेजी से ऊपर-नीचे हुआ।
1. आक्रामक ऑर्डर और वॉल्यूम स्पाइक्स
SEBI की जांच के अनुसार, क्लोजिंग ऑक्शन में Copthall ने सेंसेक्स शेयरों में कुल बाय ऑर्डर वैल्यू का लगभग 86% से अधिक का अकेले ऑर्डर दिया। उसने बाजार भाव से लगभग 3% तक ऊंची कीमतों पर बड़े आक्रामक खरीद ऑर्डर दिए, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया।
2. ऑप्शंस पोजीशन का फायदा
उसी समय Mansi Share & Stock Broking द्वारा बड़े बिकवाली के ऑर्डर दिए गए। नियामक को संदेह है कि इस कृत्रिम उतार-चढ़ाव (Price Rigging) का इस्तेमाल डेरिवेटिव सेगमेंट (सेंसेक्स ऑप्शंस) में अपनी ओपन पोजीशंस से गलत मुनाफा कमाने के लिए किया गया था।
अवैध लाभ जमा करने के बाद हटा बैन
SEBI द्वारा दोनों संस्थाओं से कथित गलत लाभ (Wrongful Gains) के रूप में करीब ₹3.68 करोड़ की राशि जमा कराने का निर्देश दिया गया था:
| संस्था (Entity) | जमा की गई राशि (Amount Deposited) | वर्तमान स्थिति (Status) |
| Copthall Mauritius Investment Ltd | ₹2.96 करोड़ | मुख्य बाजार में सामान्य ट्रेडिंग बहाल; CAS पर रोक जारी |
| Mansi Share & Stock Broking | ₹71.65 लाख | प्रोप्राइटरी अकाउंट में सामान्य ट्रेडिंग बहाल; CAS पर रोक जारी |
दोनों संस्थाओं द्वारा निर्धारित राशि SEBI के पास एस्क्रो या फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा कराए जाने के बाद, नियामक ने उन्हें मुख्य बाजार में सामान्य खरीद-बिक्री की अनुमति दे दी है।
3 अगस्त 2026 से लागू हुआ नया CAS तंत्र क्यों है चर्चा में?
भारत के इक्विटी कैश मार्केट में Closing Auction Session (CAS) को 3 अगस्त 2026 को ही लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार के अंतिम 20 मिनट (3:15 PM – 3:35 PM) में निष्पक्ष तरीके से शेयर का क्लोजिंग प्राइस (Closing Price Discovery) तय करना था।
चुंकी एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स का अंतिम क्लोजिंग प्राइस ही डेरिवेटिव सौदों के निपटान (Settlement) का आधार बनता है, इसलिए क्लोजिंग ऑक्शन में किया गया छोटा सा फेरबदल भी F&O ट्रेडर्स को करोड़ों का फायदा या नुकसान पहुंचा सकता है। SEBI का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि नए सिस्टम में किसी भी तरह के अल्गोरिदम या ऑर्डर हेरफेर को लेकर नियामक बेहद सतर्क है।
JPMorgan India के परिचालन पर क्या असर होगा?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह कार्रवाई JPMorgan India की घरेलू ब्रोकिंग और मर्चेंट बैंकिंग गतिविधियों को सीधे प्रभावित नहीं करती है। Copthall Mauritius एक अलग विधिक इकाई (Separate FPI Entity) के रूप में पंजीकृत है, जबकि JPMorgan India स्थानीय स्तर पर अलग नियामकीय लाइसेंस के तहत काम करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या SEBI ने Copthall Mauritius को सभी आरोपों से क्लीन चिट दे दी है?
उत्तर: नहीं, बैन का हटना क्लीन चिट नहीं है। यह केवल राशि जमा करने के आधार पर दी गई अंतरिम राहत है। मामले में SEBI की विस्तृत जांच जारी है।
Q2: क्या Copthall अब Closing Auction Session में हिस्सा ले सकती है?
उत्तर: नहीं, SEBI ने सामान्य ट्रेडिंग से प्रतिबंध हटाया है, लेकिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में भागीदारी पर रोक अभी भी बरकरार रखी है।
Q3: Closing Auction Session (CAS) क्या होता है?
उत्तर: यह शेयर बाजार के समापन के समय (3:15 PM से 3:35 PM) आयोजित होने वाला एक विशेष नीलामी सत्र है, जिसे 3 अगस्त 2026 से लागू किया गया है। इसमें ऑर्डर्स के मिलान के आधार पर दिन का अंतिम आधिकारिक मूल्य (Closing Price) तय होता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख केवल समाचार, सूचना और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह (Financial or Investment Advice) न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

