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शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट: Sensex 555 अंक टूटा, जानिए क्रूड और रुपये के झटके का पूरा गणित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read
मुंबई । 
भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार, 8 सितंबर 2026 का दिन बेहद सुस्त और दबाव वाला रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बाजार लाल निशान पर बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल (Brent Crude) में आई भारी तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया।
कारोबार के अंत में BSE Sensex 555.23 अंक यानी 0.73% की गिरावट के साथ 75,577.58 पर और NSE Nifty 50 144.05 अंक यानी 0.61% गिरकर 23,635.10 के स्तर पर बंद हुआ।

बाजार का पूरा हाल: आंकड़ों की जुबानी

इंडेक्स / एसेटबंद स्तरगिरावट / बढ़तबदलाव (%)
BSE Sensex75,577.58-555.23 अंक-0.73%
NSE Nifty 5023,635.10-144.05 अंक-0.61%
USD / INR (रुपया)94.8175-0.3340 पैसे-0.35%
Brent Crude Oil$98.40 / बैरल+$1.36+1.40%

गिरावट के 4 मुख्य कारण

  1. कच्चे तेल में उबाल (Brent Crude Near $98.4): पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड 1.4% उछलकर 98.4 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में महंगे क्रूड से भारत का आयात बिल और महंगाई दर दोनों बढ़ने का खतरा है।
  2. रुपये में एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.35% टूटकर 94.8175 के स्तर पर बंद हुआ। जुलाई के अंत के बाद यह रुपये की एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। महंगे क्रूड और विदेशी निवेशकों की निकासी (Risk-off sentiment) ने रुपये पर चौतरफा दबाव बनाया।
  3. बैंकिंग और हैवीवेट शेयरों में बिकवाली: शेयर बाजार की गिरावट की मुख्य वजह दिग्गजों (Heavyweights) में बिकवाली रही। ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank और Reliance Industries के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Bank Nifty और फाइनेंशियल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
  4. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत: दुनिया भर के शेयर बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में गिरावट का असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर साफ दिखा।

सेक्टोरल ट्रेंड: कौन गिरा, कौन संभला?

  • पछड़ने वाले सेक्टर्स: बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑयल एंड गैस, प्राइवेट बैंक और इंश्योरेंस सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।
  • चमकने वाले सेक्टर्स: बाजार की चौतरफा गिरावट के बीच डिफेंस और एयरोस्पेस शेयरों (जैसे BEL, HAL) में करीब 2.5% की शानदार तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा FMCG और कमोडिटी सेगमेंट में हल्का सुधार देखा गया।

आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी?

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि Nifty 50 के लिए 23,600 का स्तर एक बहुत ही महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में काम करेगा। यदि निफ्टी इस स्तर को तोड़ता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इन बातों पर रहेगी:
  • पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की कीमतें
  • आने वाले अमेरिकी महंगाई (US CPI) के आंकड़े
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: 8 सितंबर 2026 को Sensex और Nifty कितने अंक गिरकर बंद हुए?
उत्तर: BSE Sensex 555.23 अंक गिरकर 75,577.58 पर और NSE Nifty 50 144.05 अंक टूटकर 23,635.10 पर बंद हुआ।
Q2: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या थी?
उत्तर: कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में तेजी, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, रुपये में कमजोरी और ICICI Bank व Reliance जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली इसकी मुख्य वजह थी।
Q3: 8 सितंबर 2026 को रुपये का क्या हाल रहा?
उत्तर: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 0.35% गिरकर 94.8175 के स्तर पर बंद हुआ।
Q4: Nifty के लिए मुख्य सपोर्ट लेवल क्या है?
उत्तर: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार Nifty 50 के लिए 23,600 का स्तर एक बेहद अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या कमोडिटी में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार का वित्तीय निवेश करने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Advisor) से परामर्श अवश्य लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।