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झटका: ऋषभ पंत न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से बाहर, आज वडोदरा में पहला मुकाबला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम को एक बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल होने के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में आज वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा।

ऋषभ पंत की चोट का अपडेट

ऋषभ पंत को अभ्यास सत्र के दौरान पेट के दाहिनी ओर (Abdominal area) गेंद लगी थी। मेडिकल स्कैन के बाद यह पुष्टि हुई है कि उन्हें दाहिनी ओर की मांसपेशियों में खिंचाव (Internal oblique muscle tear) हुआ है।

  • रिकवरी का समय: विशेषज्ञों के अनुसार, पंत को इस चोट से उबरने में कम से कम 10 दिन का समय लगेगा।

  • संभावित विकल्प: पंत के बाहर होने के बाद, टीम में उनकी जगह ईशान किशन को शामिल किए जाने की प्रबल संभावना है।

मैच का विवरण (India vs New Zealand, 1st ODI)

आज होने वाले मुकाबले की महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:

विवरणजानकारी
मैचपहला वनडे (3 मैचों की सीरीज)
स्थानबीसीए स्टेडियम, कोटंबी, वडोदरा
तारीखआज, 11 जनवरी 2026
समयदोपहर 1:30 बजे (टॉस: 1:00 बजे IST)
प्रसारणस्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (TV)
लाइव स्ट्रीमिंगJioCinema ऐप और वेबसाइट

वडोदरा में रोमांचक शुरुआत की उम्मीद

कोटंबी स्थित बीसीए स्टेडियम इस ऐतिहासिक मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। पंत की गैरमौजूदगी में भारतीय मध्यक्रम की जिम्मेदारी अब केएल राहुल या ईशान किशन पर होगी। न्यूजीलैंड की टीम भी अपने मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के साथ भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।