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सौर तूफान की चेतावनी: आज पृथ्वी से टकराएगा ‘कोरोनल मास इजेक्शन’, संचार और पावर ग्रिड पर पड़ सकता है असर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. अंतरिक्ष के मौसम में मची हलचल के बीच, NOAA (नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन) के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर ने आज पृथ्वी पर G2 श्रेणी (मध्यम स्तर) के भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storm) की चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह स्थिति 8 जनवरी को सूर्य की सतह से निकले एक विशाल कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराने के कारण बन रही है।

क्या होगा पृथ्वी पर असर?

विशेषज्ञों ने इस सौर घटना से होने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अलर्ट जारी किया है:

  • संचार और नेविगेशन में बाधा: इस तूफान के कारण पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में चक्कर काट रहे उपग्रहों पर ‘ड्रैग’ बढ़ सकता है, जिससे उनकी स्थिति में मामूली बदलाव आने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, GPS नेविगेशन की सटीकता कम हो सकती है और हाई-फ्रीक्वेंसी (HF) रेडियो संचार में अस्थायी रुकावट आ सकती है।

  • पावर ग्रिड पर प्रभाव: उच्च अक्षांशों (जैसे उत्तरी ध्रुव के नजदीकी क्षेत्र) में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की समस्या देखी जा सकती है। हालांकि, मध्यम श्रेणी का होने के कारण बड़े ब्लैकआउट का खतरा कम है।

  • खूबसूरत ‘अरोरा’ का नजारा: कनाडा, अलास्का और स्कैंडिनेविया जैसे क्षेत्रों में आसमान में हरे और लाल रंग की शानदार रोशनी (अरोरा) दिखाई देने की संभावना है।

‘वुल्फ मून’ बनेगा चुनौती

खगोल प्रेमियों के लिए एक छोटी निराशा यह है कि आज ‘वुल्फ मून’ (पूर्णिमा) है। चांद की तेज रोशनी के कारण अरोरा की दृश्यता थोड़ी फीकी पड़ सकती है, लेकिन फिर भी ऊंचे अक्षांशों पर रहने वाले लोग इस आकाशीय नजारे का आनंद ले सकेंगे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।