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AI के ‘महाकुंभ’ के लिए तैयार दिल्ली: सैम ऑल्टमैन और जेनसेन हुआंग समेत 100 दिग्गज CEOs आएंगे भारत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत की राजधानी नई दिल्ली जल्द ही दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी हब के रूप में चमकने वाली है। India AI Impact Summit 2026 का आयोजन 19-20 फरवरी को प्रगति मैदान के भारत मंडपम में होने जा रहा है। इस समिट को लेकर वैश्विक टेक जगत में भारी उत्साह है, क्योंकि इसमें पहली बार दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियों के प्रमुख एक साथ एक मंच पर नजर आएंगे।

दिग्गजों का जमावड़ा: ऑल्टमैन और हुआंग होंगे मुख्य आकर्षण

इस समिट की सबसे बड़ी खबर OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन और NVIDIA के सीईओ जेनसेन हुआंग की भागीदारी है।

  • जेनसेन हुआंग: उनकी कंपनी के चिप्स आज पूरी दुनिया के AI इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ हैं। उम्मीद है कि वे भारत में नए चिप-मैन्युफैक्चरिंग प्लांट या बड़े निवेश की घोषणा कर सकते हैं।

  • सैम ऑल्टमैन: चैटजीपीटी के जरिए एआई क्रांति शुरू करने वाले ऑल्टमैन भारत में ‘एआई गवर्नेंस’ और सुरक्षित तकनीक पर अपनी राय रखेंगे।

इनके अलावा, गूगल के सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के प्रतिनिधि और रिलायंस के मुकेश अंबानी भी इस महामंच का हिस्सा बनेंगे।

समिट के मुख्य बिंदु और एजेंडा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। सरकार का लक्ष्य भारत को केवल एआई का उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक ग्लोबल एक्सपोर्टर बनाना है। सम्मेलन में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा होगी:

  • Bhashini AI: भारतीय भाषाओं के लिए बने एआई मॉडल को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना।

  • AI इन एग्रीकल्चर: ड्रोन और एआई के जरिए भारतीय किसानों की आय बढ़ाने की तकनीक।

  • सुरक्षित AI: डीपफेक और एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क तैयार करना।

  • इन्वेस्टमेंट: समिट के दौरान स्टार्टअप्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए अरबों डॉलर के निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

क्यों खास है यह समिट?

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपना खुद का ‘IndiaAI Mission’ तेजी से आगे बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिट के बाद भारत ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एआई लीडर के रूप में उभरेगा।

“यह समिट केवल तकनीक के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बारे में है कि कैसे एआई आम नागरिक के जीवन को बेहतर बना सकता है।” — आईटी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।