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तमिलनाडु में BJP का ‘मिशन 2026’: कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने फूंका चुनावी बिगुल, DMK सरकार पर साधा तीखा निशाना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोयंबटूर. भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अपने दो दिवसीय तमिलनाडु प्रवास के दौरान पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आए। 2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, नबीन ने कोयंबटूर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरा, बल्कि सत्ताधारी द्रमुक (DMK) सरकार के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया।

भ्रष्टाचार और वंशवाद पर कड़ा प्रहार

कोयंबटूर के SNR ऑडिटोरियम में आयोजित ‘प्रोफेशनल कनेक्ट’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब DMK और कांग्रेस के ‘भ्रष्टाचार और वंशवाद’ वाले गठबंधन से ऊब चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार न तो युवाओं की चिंता करती है और न ही महिलाओं की सुरक्षा की। उन्होंने जनता से ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने के लिए तमिलनाडु में भी NDA की सरकार बनाने का आह्वान किया।

संगठन की मजबूती पर जोर

दौरे के दूसरे दिन रविवार को नबीन ने सिंगानल्लूर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और शक्ति केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की जीत का रास्ता बूथों से होकर गुजरता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने और मतदान केंद्रों पर पकड़ मजबूत करने को कहा।

सांस्कृतिक जुड़ाव: मंदिर दर्शन और ‘मोदी पोंगल’

अपने प्रवास के दौरान नितिन नबीन ने तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए:

  • पेरूर पट्टीश्वरर मंदिर और मरुधमलाई मुरुगन मंदिर में पूजा-अर्चना कर उन्होंने राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।

  • वडावल्ली में आयोजित ‘नम्मा ऊरु मोदी पोंगल’ कार्यक्रम में हिस्सा लेकर उन्होंने तमिल समुदाय के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश की।

प्रमुख बिंदु: एक नजर में

कार्यक्रममुख्य उद्देश्य
प्रोफेशनल कनेक्टडॉक्टर, इंजीनियर और बुद्धिजीवियों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना।
कोर कमेटी बैठक2026 विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी रणनीति तैयार करना।
बूथ कार्यकर्ता संवादजमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करना।
मंदिर व पोंगल कार्यक्रमतमिल संस्कृति और हिंदू पहचान के साथ समन्वय स्थापित करना।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।