मुंबई. ऐतिहासिक शिवाजी पार्क (शिवतीर्थ) में आज एक नया इतिहास रचा गया। पिछले दो दशकों से अलग-अलग राजनीतिक राहों पर चल रहे ठाकरे भाई—उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे—आज एक साथ एक ही मंच पर नजर आए। आगामी 15 जनवरी 2026 को होने वाले बीएमसी (BMC) चुनावों के मद्देनजर आयोजित इस विशाल संयुक्त रैली ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए समीकरण को जन्म दे दिया है।
‘मराठी मानुष’ के लिए गिले-शिकवे भुलाए
रैली का मुख्य आकर्षण शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच औपचारिक गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन था। मंच पर न केवल उद्धव और राज, बल्कि उनकी अगली पीढ़ी के प्रतिनिधि आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे भी एक साथ खड़े दिखाई दिए, जिसे नई पीढ़ी की एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राज ठाकरे का प्रहार: “मुंबई पर खतरा मंडरा रहा है”
सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन किसी राजनीतिक विवशता का परिणाम नहीं है। उन्होंने कहा:
“आज हम सत्ता के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के अस्तित्व पर मंडराते खतरे के कारण एकजुट हुए हैं। बाहरी ताकतों से मुंबई और ‘मराठी मानुष’ के हितों की रक्षा करना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।”
उद्धव ठाकरे की चेतावनी: “भाजपा को मुंबई निगलने नहीं देंगे”
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्ताधारी गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य मुंबई के आर्थिक महत्व को कम करना है। उन्होंने गरजते हुए कहा:
“हमने महाराष्ट्र के व्यापक हित में अपने पुराने मतभेदों को जलाकर राख कर दिया है। हम किसी भी सूरत में भाजपा को अपनी मुंबई ‘निगलने’ नहीं देंगे। यह लड़ाई मुंबई के स्वाभिमान की है।”
महायुति की जवाबी कार्रवाई
ठाकरे भाइयों की इस महा-रैली के जवाब में, सत्ताधारी महायुति (भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट) ने भी कमर कस ली है। उन्होंने कल, 12 जनवरी 2026 को इसी शिवाजी पार्क मैदान पर अपनी एक जवाबी रैली करने की घोषणा की है, जिससे चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
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तारीख: 11 जनवरी 2026
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स्थान: शिवाजी पार्क, मुंबई
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गठबंधन: शिवसेना (UBT) + MNS
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चुनावी मुकाबला: 15 जनवरी को बीएमसी मतदान
Matribhumisamachar


