कानपुर। शहर के कानूनी गलियारों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। कानपुर बार एसोसिएशन की 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए तारीखों का औपचारिक ऐलान हो गया है। आगामी 17 फरवरी को डीएवी डिग्री कॉलेज में वोट डाले जाएंगे, जहां शहर के हजारों अधिवक्ता अपने भविष्य के नेतृत्व का फैसला करेंगे।
चुनावी रण: 94 योद्धा और 7198 वोटर
इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। कुल 21 पदों के लिए 94 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, महामंत्री और कनिष्ठ कार्यकारिणी पद के लिए भरे गए नामांकन पत्रों में से एक-एक पर्चा खारिज होने के बाद अब अंतिम सूची 94 उम्मीदवारों की है।
वोटिंग वाले दिन कुल 7198 बार एसोसिएशन सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाताओं की यह संख्या किसी भी प्रत्याशी की जीत-हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
प्रमुख पदों पर दावेदारों का गणित
मुख्य पदों पर प्रत्याशियों की संख्या ने मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है। विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
| पद का नाम | प्रत्याशियों की संख्या | मुख्य मुकाबला |
| अध्यक्ष | 07 | संदीप सिंह बनाम योगेंद्र अवस्थी |
| महामंत्री | 09 | रुद्र प्रताप बनाम विनय मिश्रा |
| मंत्री | 11 | कड़ा मुकाबला |
| वरिष्ठ उपाध्यक्ष | 08 | सीधा संघर्ष |
| कोषाध्यक्ष | 06 | त्रिकोणीय मुकाबला |
कार्यकारिणी सदस्य: वरिष्ठ कार्यकारिणी के 6 पदों के लिए 11 और कनिष्ठ कार्यकारिणी के 6 पदों के लिए 21 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर (अध्यक्ष एवं महामंत्री पद)
सबसे अधिक नजरें अध्यक्ष और महामंत्री पद पर टिकी हैं। इन पदों के लिए मैदान में उतरे मुख्य नाम इस प्रकार हैं:
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अध्यक्ष पद के दावेदार: संदीप कुमार सिंह, योगेंद्र कुमार अवस्थी, सुरेंद्र कुमार कुशवाहा, रवींद्र शर्मा, दिनेश कुमार शुक्ल, सर्वेश कुशवाहा और रमेश चंद्र वर्मा।
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महामंत्री पद के दावेदार: रुद्र प्रताप सिंह, विनय कुमार मिश्रा, हेमेंद्र कुमार श्रीवास्तव, रामजी दुबे, संगीता द्विवेदी, सुशील कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह गौतम, चंद्रशेखर तिवारी और संजीव कुमार यादव।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए डीएवी डिग्री कॉलेज में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ बार एसोसिएशन के वालंटियर्स भी तैनात रहेंगे। मतदान सुबह से शुरू होकर शाम तक चलेगा, जिसके तुरंत बाद या अगले दिन मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
वकीलों के मुख्य मुद्दे
इस बार के चुनाव में वकीलों के चैंबर की समस्या, पार्किंग व्यवस्था, अधिवक्ताओं के लिए चिकित्सा सुविधा और नए वकीलों के लिए स्टाइपेंड जैसे मुद्दे हावी रहने वाले हैं। प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क कर वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।
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